श्रीराम कथा के प्रथम दिवस शिव विवाह प्रसंग पर हुई कथा
कथा के पहले दिन यजमान के रूप में अरुण चौधरी रहे
सुपौल. जिला मुख्यालय स्थित श्रीराधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी में बुधवार से आध्यात्मिक सत्संग समिति सुपौल के तत्वावधान में चार दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया. कथा के पहले दिन यजमान के रूप में अरुण चौधरी रहे. कथा समिति के रामकुमार चौधरी, नलिन जायसवाल, अशोक शर्मा, हीरालाल कामत, चंदन चौधरी, उपेन्द्र सिंह, मंदिर के पुजारी अशोक झा आदि ने सामूहिक रूप से व्यासपीठ पूजन किया. मौके पर उपस्थित नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेन्द्र झा राघव ने कहा कि कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में चेतना आती है. श्रीश्री 108 पूज्य बाल व्यास जी महाराज के शिष्य मानस भास्कर पंडित विद्यासागर महाराज ने कथा में बताया कि मनुष्य के जीवन में सबसे पहले विश्वास और श्रद्धा की आवश्यकता है. क्योंकि रामचरितमानस में पूज्य तुलसीदास जी ने भगवान शिव को विश्वास और माता पार्वती को श्रद्धा बताया. कहा कि जब मनुष्य के जीवन में श्रद्धा और विश्वास का मिलन होगा, तभी हमारे हृदय का तारका स्वरूपी मोह का विनाश हो सकता है. बताया कि जब तक मन में मोह बैठा रहेगा, तब तक भक्ति को हृदय में प्रवेश नहीं करने देगा. इसलिए मनुष्य जीवन पाकर भी जीवन में भक्ति नहीं मिलेगी और तब तक इस शरीर को मुक्ति नहीं मिल सकता है. इसलिए कथा सुनकर सत्संग के माध्यम से ही विवेक और ज्ञान प्राप्त होगा. इसी सत्संग के माध्यम से भक्ति भी मिल सकती है. श्रीराम कथा में कथा वाचक ने शिव और पार्वती के विवाह प्रसंग के माध्यम से ज्ञान वैराग्य और भक्ति की कथा सुनाई. कथा में सभी दर्शकों ने आनंद विभोर होकर कथा का श्रवण किया. कार्यक्रम में प्रवीण कुमार झा, संजीव कुमार सिंह बबलू, अभिषेक गुप्ता, राजकिशोर चौधरी, देवी प्रसाद सिन्हा, योगेन्द्र साह, नीतीश मेहता, संजय जायसवाल, मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे.
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