SUPAUL : आंधी-तूफान ने उजाड़ दिया स्कूल, अब घर के दरवाजे पर चल रही बच्चों की पढ़ाई
प्रखंड क्षेत्र के कोशी बांध के भीतर स्थित महादेव उच्च विद्यालय नौआबाखर में चार मई को आये तेज आंधी-तूफान ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया.
किशनपुर (सुपौल) से जीवछ प्रसाद की रिपोर्ट :
प्रखंड क्षेत्र के कोशी बांध के भीतर स्थित महादेव उच्च विद्यालय नौआबाखर में 4 मई को आए तेज आंधी-तूफान ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. फूस से बना विद्यालय भवन तेज हवा में धराशायी हो गया, जिसके बाद अब बच्चों की पढ़ाई बगल के एक घर के दरवाजे पर कराई जा रही है. घटना के 15 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो भवन की मरम्मत हुई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के सभी शिक्षक प्रतिदिन समय पर स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन भवन नहीं रहने के कारण खुले आसमान के नीचे बच्चों को पढ़ाने को मजबूर हैं. बच्चे किसी तरह जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. विद्यालय भवन गिरने के बाद बच्चों और अभिभावकों में भय का माहौल है. कई बच्चे स्कूल आने से कतराने लगे हैं, जबकि अभिभावक भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. बावजूद इसके शिक्षकों के लगातार समझाने और प्रेरित करने पर बच्चे किसी तरह विद्यालय पहुंच रहे हैं. ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के इतने दिनों बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई. न तो अस्थायी टेंट की व्यवस्था की गई और न ही नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है. लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से जल्द सुरक्षित भवन निर्माण एवं वैकल्पिक पढ़ाई की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो.