पिपरा प्रखंड मुख्यालय स्थित ई किसान भवन के सभागार भवन में गुरुवार को प्रखंड स्तरीय शारदीय खरीफ कर्मशाला का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया. जिसकी अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी सतीश चंद्र ने किया. कर्मशाला में खेत बचाओ अभियान के तहत मिट्टी की सेहत संरक्षण तथा रसायन मुक्त खेती के प्रति किसानों को जागरूक करना है. अपने संबोधन में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रामकृष्ण ने कृषि विभाग द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न योजनाओं का विस्तार पूर्वक जानकारी कार्यशाला में आए किसानों को दी. पूर्व जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार झा ने अपने संबोधन में जैविक खेती स्वस्थ जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे स्वास्थ्य मिट्टी पशुओं एवं पर्यावरण की रक्षा करता है. बिना मिट्टी जांच के खाद का उपयोग करना उचित नहीं है. उन्होंने किसानों से मिट्टी जांच रिपोर्ट को आधार पर फसलों को संतुलित पोषण उपलब्ध कराने की बात कही. ताकि खाद का उपयोग काम हो साथ ही उत्पादन में वृद्धि होने की बात कही मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए हरी खाखा, कंपोस्ट, खाली, केचुआ खाद तथा सड़ी हुई गोबर खाद के उपयोग करने की बात कही. जैविक खाद को ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने पर मिट्टी की संरचना बेहतर होगी. उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की बात कही. वर्तमान में रसायन मुक्त कृषि उत्पादों की मांग काफी बढ़ रही है. प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरकता को सुरक्षित रखती है. कार्यशाला में किसानों ने अपनी अपनी समस्याएं भी राखी किसानों को कृषि से संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर कृषि समन्वयक मनोज कुमार, विजय कुमार, कुशेश्वर कुमार ने भी किसानों को संबोधित किया. इस मौके पर रमेश कुमार यादव, दीपशिखा, मणि भूषण दास, सुभाष सिंह, रतन कुमार चौहान, शंभू कुमार, अमित कुमार, अरविंद कुमार, गीता कुमारी, सुलोचना कुमारी, रामकुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे.
प्रखंड स्तरीय शारदीय खरीफ कर्मशाला में मिट्टी की सेहत संरक्षण व रसायन मुक्त खेती पर दिया गया बल
स्वास्थ्य शिविर में विराट मेडिकल कॉलेज टीचिंग हॉस्पिटल के विभिन्न विभागों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों तथा क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया. शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया. चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया.
