श्रावण मास की शुरुआत 11 जुलाई से, इस बार विशेष योगों में होंगे चार सोमवार व्रत : आचार्य धर्मेंद्र

चौथा एवं अंतिम सोमवार 04 अगस्त को तीन योगों अमृत योग, सिद्धि योग तथा सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ पूर्ण होगा, जो इस दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है.

सुपौल इस वर्ष श्रावण मास की शुभ शुरुआत 11 जुलाई, गुरुवार को शुक्ल प्रतिपदा तिथि एवं सिद्धि योग के साथ हो रही है. यह मास विशेष फलदायी माना जा रहा है क्योंकि इस बार चार सोमवार व्रत पड़ रहे हैं, जो विभिन्न शुभ योगों से युक्त हैं. यह जानकारी गोसपुर गांव के प्रख्यात मैथिल पंचांगकार आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र ने दी. उन्होंने बताया कि पहला सोमवार 14 जुलाई को अमृत योग और शिववास में पड़ेगा, जो अत्यंत पुण्यदायी रहेगा. दूसरा सोमवार 21 जुलाई को सिद्धि योग में पड़ेगा. तीसरा सोमवार 28 जुलाई को पुनः अमृत योग में संपन्न होगा. चौथा एवं अंतिम सोमवार 04 अगस्त को तीन योगों अमृत योग, सिद्धि योग तथा सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ पूर्ण होगा, जो इस दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है. मधुश्रावणी व्रत का विशेष महत्व आचार्य मिश्र ने बताया कि नवविवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ मधुश्रावणी पर्व इस बार 15 जुलाई, मंगलवार से आरंभ होकर 27 जुलाई को संपन्न होगा. 27 जुलाई को स्वर्ण गौरी व्रत भी मनाया जायेगा. इसी दिन मोना पंचमी, नाग पंचमी तथा मनसा देवी पूजन आदि धार्मिक अनुष्ठान भी होंगे. वहीं 25 जुलाई से झूलन उत्सव का शुभारंभ होगा. 26 जुलाई को धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की जयंती मनाई जायेगी. जबकि रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व, 09 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा के दिन मनाया जायेगा. इसी दिन श्रावण मास का समापन भी होगा. श्रावण मास शिवभक्तों के लिए विशेष अवसर होता है, जिसमें श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव की पूजा की जाती है. इस बार के विशेष योगों और पर्वों के कारण श्रावण और भी अधिक पुण्यदायक बन गया है.

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