सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर का समापन, संतमत के उदेश्य पर डाला गया प्रकाश

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन 24 घंटे में पांच बार ध्यान साधना शिविर तथा दो बार प्रवचन का आयोजन किया गया

वीरपुर. नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 09 में 13 फरवरी से आयोजित सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर का गुरुवार को विधिवत समापन हो गया. प्रवचन सुनने के लिए भीमपुर, अररिया, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार सहित नेपाल के सुनसरी, सप्तरी, मोरंग एवं दमक जिलों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु वीरपुर पहुंचे. कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन 24 घंटे में पांच बार ध्यान साधना शिविर तथा दो बार प्रवचन का आयोजन किया गया. सात दिनों तक चले प्रवचनों में जागतानंद बाबा, अमृतानंद बाबा, सुरेन्द्र बाबा, दिव्यांशु बाबा, कल्याण बाबा, मानिकचंद बाबा, मनीषानंद बाबा, रामानंद बाबा, सच्चिदानंद बाबा, विनय बाबा सहित अनेक संतों ने अपने उपदेशों से श्रोताओं को जीवन और मरण की सार्थकता का बोध कराया. प्रवचन के दौरान संतों ने संतमत के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन की बाधाओं से मुक्ति ही साधना का परम लक्ष्य है. वक्ताओं ने कहा “मन जागो रे, मन की तरंग को मारना अत्यंत कठिन है, लेकिन जिसे परमात्मा की भक्ति मिल जाती है, उसकी नैया पार हो जाती है. सुख कभी स्थायी नहीं होता.” कार्यक्रम के अध्यक्ष रामेश्वर बाबा ने बताया कि गुरुवार को सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर का समापन किया गया. अंतिम दिन सत्य प्रकाश जी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को ईश्वर प्राप्ति के मार्ग, आत्मचिंतन एवं साधना के महत्व के बारे में विस्तार से बताया. कार्यक्रम के सफल संचालन में स्थानीय बनारसी बाबू, देवनारायण खेड़वार, मंटू खेड़वार, राम कुमार, दिलीप कुमार, मंटू गुप्ता, नागेश्वर साह, वशिष्ठ जी, जटाशंकर बिराजी, रणवीर कुमार, दिलीप मटियैत, साध्वी हीरा देवी, ललिता देवी, दीपिका देवी, सरोजिनी देवी, सोनी देवी एवं सरिता देवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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