एसडीएम के आदेश की उड़ायी जा रही धज्जियां, यातायात व्यवस्था चौपट
शहर की यातायात व्यवस्था जस की तस बनी हुई है
त्रिवेणीगंज. यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से अनुमंडल प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा व ऑटो के लिए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर अब तक नजर नहीं आ रहा है. संबंधित पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण एसडीएम के निर्देशों का अनुपालन नहीं हो पा रहा है. जिससे शहर की यातायात व्यवस्था जस की तस बनी हुई है. परिणामस्वरूप राहगीरों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है. पूर्व की भांति चालक बाजार में जहां मन वहां ऑटो और ई-रिक्शा खड़े कर रहे हैं. साथ ही बिना किसी रोक-टोक के बड़ी गाड़ियों का लोडिंग-अनलोडिंग भी जारी है. गौरतलब है कि बीते 13 दिसंबर को अनुमंडल सभागार में एसडीएम अभिषेक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग-अलग दिशाओं में पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए थे. इसके साथ ही चिलौनी पुल से विस्कोमान भवन के बीच भारी वाहनों के लोडिंग-अनलोडिंग पर समयबद्ध प्रतिबंध लगाने और अव्यवस्थित पार्किंग पर चालान की कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. हालांकि आदेश जारी होने के एक सप्ताह बाद भी न तो निर्धारित पार्किंग स्थलों का पालन कराया जा रहा है और न ही अवैध पार्किंग व अनियंत्रित लोडिंग-अनलोडिंग पर कोई सख्त कार्रवाई देखने को मिल रही है. एनएच 327 ई सहित शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर जाम की समस्या बनी हुई है. जिससे आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा लिए गए फैसलों को सख्ती से लागू किया जाए, तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है. फिलहाल जनता को केवल आदेश नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई का इंतजार है. अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार पदाधिकारियों की नींद कब टूटती है या फिर यातायात की स्थिति यूं ही बनी रहेगी.
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