इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विज्ञान मेला आयोजित

विज्ञान का प्रयोग मानवता के हित में कर समाज को नई दिशा दें युवा - एसडीएम

– विज्ञान का प्रयोग मानवता के हित में कर समाज को नई दिशा दें युवा – एसडीएम – समाज कल्याण, पर्यावरण संरक्षण व लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को सराहा गया सुपौल. जिला स्तरीय युवा उत्सव के तहत मंगलवार को इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विज्ञान मेला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने किया. विज्ञान मेला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. प्रतिभागियों ने विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े अपने-अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए. एसडीएम ने कहा कि पहले भी इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा युवा उत्सव के तहत विज्ञान मेला का आयोजन किया गया था जो सफल रहा. उन्होंने कहा कि विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रयोगधर्मिता को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है. उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निरंतर विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बच्चों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया. कहा कि कम उम्र में इतनी गहरी समझ और उत्कृष्ट प्रस्तुति यह दर्शाती है कि जिले के बच्चे विज्ञान के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की क्षमता रखते हैं. समाज कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को विशेष रूप से सराहा गया. उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि विज्ञान का प्रयोग मानवता के हित में कर समाज को नई दिशा दें. उत्साहपूर्ण सहभागिता, नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट्स विज्ञान मेला के संयोजक एवं डीन अकादमिक डॉ चन्दन कुमार ने बताया कि सुपौल जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से आए छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उच्च गुणवत्ता वाले और अभिनव प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए. उन्होंने जिला प्रशासन और जिला कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. सह-संयोजक नंदन कुमार राजू ने कहा कि प्रस्तुत मॉडल वर्तमान समय की वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में छात्रों की समझ और नवाचार क्षमता को दर्शाते हैं. नवाचार को मिला मजबूत मंच महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एएन मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को नवीन तकनीकी रुझानों और वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा में प्रेरित करते हैं. कार्यक्रम में विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ शिक्षकों में गोपाल कृष्ण, डॉ राजा गांधी, रवि रंजन, डॉ चंद्रशेखर कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. सुपौल जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तारकेश्वर पटेल ने प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि छात्रों की वैज्ञानिक सोच जिले के भविष्य को नई दिशा दे रही है. विविध विषयों पर सृजनात्मक प्रदर्शन विज्ञान मेले में भौतिकी, रसायन विज्ञान, अभियांत्रिकी, पर्यावरण विज्ञान, रोबोटिक्स, आईओटी, संरचनात्मक डिज़ाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आदि पर आधारित मॉडल और वैज्ञानिक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहे. प्रत्येक टीम ने 05-10 मिनट की प्रस्तुति देते हुए अपने प्रोजेक्ट की उद्देश्य, प्रक्रिया और निष्कर्षों को विस्तार से बताया. 100 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल और उत्साहपूर्ण बनाया.

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