Supaul Makhana Farming: रतनपुर (सुपौल). बसंतपुर प्रखंड के सातनपट्टी पंचायत निवासी किसान अमित कुमार ने मखाना उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के 17वें स्थापना दिवस समारोह में उन्हें प्रोग्रेसिव फार्मर अवार्ड से सम्मानित किया गया. सम्मान मिलने से सातनपट्टी पंचायत सहित पूरे बसंतपुर प्रखंड के किसानों में खुशी का माहौल है.
मखाना उत्पादन में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान
अमित कुमार को कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीकों के प्रयोग और बेहतर उत्पादन के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया. साथ ही किसानों के बीच मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के प्रयासों को भी सम्मान के योग्य माना गया.
राज्यपाल और मंत्री ने किया सम्मानित
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के स्थापना दिवस समारोह में अमित कुमार को बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन एवं बिहार सरकार के मंत्री प्रेम कुमार ने प्रोग्रेसिव फार्मर अवार्ड प्रदान किया. सम्मान मिलने के बाद क्षेत्र के किसानों और कृषि से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी.
तकनीक से उत्पादन और गुणवत्ता में हो सकता है सुधार
अमित कुमार ने कहा कि मखाना उत्पादन में बेहतर तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर उत्पादन के साथ गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मखाना किसानों के लिए आय का बेहतर स्रोत बन सकता है, लेकिन इसके लिए पारंपरिक खेती के साथ कृषि वैज्ञानिकों की सलाह और आधुनिक तकनीक अपनाना जरूरी है.
कोसी क्षेत्र में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं
अमित कुमार के अनुसार बिहार में मखाना उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं. खासकर कोसी क्षेत्र की जलवायु और प्राकृतिक परिस्थितियां मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल हैं. किसानों को उचित प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बेहतर बाजार सुविधा उपलब्ध हो तो मखाना खेती से रोजगार और आमदनी के अवसर बढ़ सकते हैं.
सम्मान से बढ़ा किसानों का उत्साह
Supaul Makhana Farming: प्रोग्रेसिव फार्मर अवार्ड मिलने पर अमित कुमार ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के वैज्ञानिकों और अधिकारियों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी बेहतर कृषि तकनीक अपनाने और मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा.स्थानीय किसानों ने भी अमित कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनका सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है और इससे अन्य किसान भी मखाना उत्पादन में नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित होंगे.
