सुपौल में 'मिशन परिवार विकास पखवाड़ा' शुरू: सिविल सर्जन ने रवाना किया सारथी रथ, जानें 4 दिनों का रूट चार्ट

सुपौल जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए 'मिशन परिवार विकास पखवाड़ा' के तहत 'सारथी रथ' रवाना किया गया है. यह रथ ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन के आधुनिक उपायों के प्रति जागरूकता फैलाएगा.

सुपौल जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा और परिवार कल्याण कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से मंगलवार को 'मिशन परिवार विकास पखवाड़ा' के तहत 'सारथी रथ' (जागरूकता प्रचार वाहन) को रवाना किया गया. जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय परिसर से सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा एवं अन्य जिला स्तरीय स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रथ को क्षेत्र भ्रमण के लिए रवाना किया.

सारथी रथ के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों, हाट-बाजारों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रूट प्लान के अनुसार ऑडियो-विजुअल संदेशों और पम्फलेट्स के जरिए परिवार नियोजन के आधुनिक उपायों के प्रति जनजागरण किया जाएगा.

15 से 18 सितंबर तक सभी प्रखंडों में चलेगा सघन अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 4 दिवसीय विशेष कार्ययोजना तैयार की है:

  • रूट चार्ट के अनुसार परिचालन: सारथी रथ 15 से 18 सितंबर 2026 तक जिले के विभिन्न चिन्हित प्रखंडों और पंचायतों में घूमेगा.
  • साधनों की मुफ्त उपलब्धता: प्रचार वाहन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर उपलब्ध कराई जा रही निशुल्क सुविधाओं—जैसे कॉपर-टी (IUCD/PPIUCD), अंतरा इंजेक्शन, छाया गोलियां, कंडोम और बंध्याकरण/नसबंदी ऑपरेशन की जानकारी दी जाएगी.
  • भ्रांतियों का निवारण: ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन के साधनों को लेकर व्याप्त झिझक, डर और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष संदेश प्रसारित किए जाएंगे.

सारथी रथ अभियान की मुख्य रूपरेखा

अभियान घटकआधिकारिक विवरण
कार्यक्रम का नाममिशन परिवार विकास पखवाड़ा (सारथी रथ अभियान)
परिचालन अवधि15 सितंबर से 18 सितंबर 2026 (4 दिवसीय सघन दौरा)
उद्घाटनकर्तासिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा एवं जिला स्वास्थ्य टीम
मूल स्लोगन/संदेश'छोटा परिवार सुखी परिवार' एवं 'स्वस्थ परिवार समृद्ध परिवार'
लक्ष्य क्षेत्रसुपौल जिले के सभी प्रखंड, स्वास्थ्य उपकेंद्र व ग्रामीण बस्तियां

'स्वस्थ समाज की पहली सीढ़ी है जिम्मेदार मातृत्व': सिविल सर्जन

हरी झंडी दिखाने के उपरांत सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने कहा कि दो बच्चों के जन्म में सुरक्षित अंतर रखना और समय पर परिवार नियोजन अपनाना मां और शिशु दोनों के जीवन को सुरक्षित बनाता है. उन्होंने कहा कि जब परिवार सीमित और नियोजित होगा, तभी बच्चों को बेहतर पोषण, उत्कृष्ट शिक्षा और सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग का संकल्प है कि हर पात्र दंपती तक ये सेवाएं सुगमता से पहुंचें.

जिला स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला समुदाय उत्प्रेरक (DCM), जिला मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (DM&EO), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वयक (RBSK-CO), सुपौल सहित जिला स्वास्थ्य समिति के अन्य संबंधित नोडल पदाधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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