Supaul Road Accident Death: सरायगढ़ (सुपौल). एनएच-27 पर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 16 वर्षीय संतोष कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई. संतोष की मौत के बाद नारायणपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई. बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रशासन के हस्तक्षेप और सरकारी सहायता का आश्वासन मिलने के बाद जाम समाप्त कराया गया.
10 दिन पहले बस की टक्कर में हुआ था घायल
जानकारी के अनुसार 27 जुलाई को पिपराखुर्द पंचायत के नारायणपुर गांव के समीप एनएच-27 पर बस की टक्कर से वार्ड संख्या-8 निवासी श्याम सुंदर मंडल का 16 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था. स्थानीय लोगों ने उसे रेफरल अस्पताल सिमराही पहुंचाया, जहां से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए नेपाल के विराटनगर स्थित न्यूरो अस्पताल रेफर कर दिया था. मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
मुआवजे की मांग को लेकर एनएच-27 किया जाम
बुधवार को परिजनों ने संतोष का शव घर के समीप एनएच-27 पर रख दिया. ग्रामीणों ने बांस-बल्ले लगाकर हाईवे के दोनों लेन को पूरी तरह जाम कर दिया. महिला और पुरुष सड़क पर बैठकर सरकारी मुआवजे की मांग करने लगे. करीब साढ़े चार घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी.
अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन
जाम की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर संजय कुमार, बीडीओ अच्युतानंद, प्रखंड प्रमुख विजय कुमार यादव, राजस्व अधिकारी राकेश रंजन, जिला परिषद सदस्य गौतम कुमार, भपटियाही थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी सहित राघोपुर और पिपरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया.
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
भपटियाही थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सुपौल भेज दिया गया है. आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Supaul Road Accident Death: संतोष दो भाइयों और पांच बहनों में सबसे छोटा था. उसकी मौत के बाद पिता श्याम सुंदर मंडल, मां सिसवा देवी, बड़े भाई राहुल कुमार तथा बहनें लीला देवी, गंगा देवी, बुची देवी, सीता देवी और लक्ष्मी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है.
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