विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है आरएसएस : सह प्रांत प्रचारक

विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन होने के नाते इसे जानना आवश्यक है

By RAJEEV KUMAR JHA | January 16, 2026 6:25 PM

कुनौली. बेला सिंगार मोती स्थित पंचायत सरकार भवन परिसर में पंच परिवर्तन के विषय के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक प्रवीर जी ने किया. बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रवीर जी ने बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं के बीच बताया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संगठन व सेवा के सौ वर्ष हो चुके है. यह 1925 कि विजयादशमी (विक्रम संवत 1982) को स्थापना की गई थी. जिसने आज 100 वर्ष पूरे कर लिए. विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन होने के नाते इसे जानना आवश्यक है. बताया कि जब हमारा देश स्वाधीनता के लिए संघर्ष कर रहा था तो डॉ हेडगेवार ने बताया था कि राष्ट्र की स्वन्त्रता, उसके पश्चात परम वैभव की प्राप्ति तथा समाज की विविध समस्याओं का स्थायी केवल हिंदू समाज के संगठित होने से ही होगा. उन्होंने जाति, भाषा, वेश,-भूषा प्रान्त आदि विविधताओं को ही भेद मानकर असंगठित हुए हिन्दू समाज को हिंदुत्व के आधार पर संगठित करने का विचार कर संघ की स्थापना की. तब से यह क्रियाशील रहा. बताया कि आज यह कई प्रकार के शिक्षा, स्वास्थ्य आदि जैसे विषयों पर कई गतिविधियां चला रही है. लेकिन अब पंच परिवर्तन की आवश्यकता है. जिला प्रचारक राहुल देव ने कहा कि वैसे तो स्वयंसेवक नियमित रूप से समाज परिवर्तन और समस्याओं का समाधान करने के लिए सतत सक्रिय रहते हैं. लेकिन शताब्दी वर्ष के पश्चात पांच विषयों पर सज्जन शक्ति के सहयोग से जन जागरण के लिए विशेष प्रयत्न करने की आवश्यकता है. जिसमें सामाजिकता समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुम्ब प्रबोधन, स्व आधारित जीवन और नागरिक कर्तव्यबोध शामिल है. ताकि इस अमृत काल में सभी मिलकर अपने भगीरथ प्रयास से भारत माता को परम वैभव तक पहुचाएं. बैठक में खंड संचालक कुशेश्वर, खंड कार्यवाह इंद्रदेव, भूतपूर्व सरपंच-रामशरण, विवेक कुमार, कालीचरण मेहता, अभिनंदन कुमार, प्रणव, रूपेश कुमार, महेंद्र आदि मौजूद थे.

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