कौशल विकास केंद्रों की हुई समीक्षा, इनटेक से कम नामांकन पर होगी कार्रवाई

गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर दिया गया बल

– गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर दिया गया बल सुपौल. जिला नियोजन भवन सभागार में जिला नियोजन पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिले के सभी क्रियाशील कौशल विकास केंद्रों के संचालकों के साथ गुरुवार को एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति, नामांकन स्थिति एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता की समीक्षा करना था. बैठक को संबोधित करते हुए जिला नियोजन पदाधिकारी ने सभी केंद्र संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इनटेक कैपेसिटी के अनुरूप अपने-अपने केंद्रों में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के माध्यम से सत्यापित आवेदकों का ही पंजीकरण किया जाए. उन्होंने कहा कि जिन कौशल विकास केंद्रों में निर्धारित 120 इनटेक कैपेसिटी के अनुसार युवाओं की संख्या कम पाई जाएगी. उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी. समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि प्रखंड कौशल विकास केंद्र सुपौल में आवेदकों का पंजीकरण अपेक्षा से काफी कम है. इस पर जिला नियोजन पदाधिकारी ने खेद व्यक्त करते हुए संबंधित केंद्र संचालक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया. साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी कौशल विकास केंद्रों पर प्रशिक्षण केवल औपचारिक न होकर गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी होना चाहिए. प्रशिक्षणार्थियों को कंप्यूटर का मूल ज्ञान, व्यवहार कौशल एवं संवाद कौशल की शिक्षा प्रभावी ढंग से दी जाए. ताकि वे रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें. बैठक के दौरान जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सुपौल के प्रबंधक डॉ शैलेश कुमार ने जानकारी दी कि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत जिले को 7800 युवाओं का लक्ष्य दिया गया था. जिसके विरुद्ध 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 7899 युवाओं का पंजीकरण किया जा चुका है. इस उपलब्धि पर जिला नियोजन पदाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया. सोमवारीय बैठक में जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा प्राप्त निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया कि जिले के सभी कौशल विकास केंद्रों पर विभागीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुप्होन सुनिश्चित किया जाए. सभी केंद्रों को क्वालिटी ओरिएंटेड ट्रेनिंग प्रदान करने के साथ-साथ प्रशिक्षणार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाएं, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय एवं बैठने की उचित व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा सभी कौशल विकास केंद्रों के पहुंच पथ पर साइनेज एवं बैनर लगाने का निर्देश दिया गया. ताकि आवेदकों को केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो. जिला कौशल प्रबंधक को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार सभी कौशल विकास केंद्रों का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करें. बैठक में अंकिता कुमारी सहित अन्य मौजूद थे.

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