– ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने क्षेत्रवासी, सांसद दिलेश्वर कामैत ने दिखाई हरी झंडी – मरौना से सुपौल व ललितग्राम से वीरपुर तक नई रेल लाइन बिछाने को लेकर जल्द ही शुरू किया जायेगा भूमि सर्वेक्षण कार्य : सांसद सुपौल. शुक्रवार का दिन सुपौलवासियों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ. लंबे इंतजार के बाद पुणे-सुपौल-दानापुर सुपरफास्ट ट्रेन का शुभारंभ किया गया. सांसद दिलेश्वर कामैत ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ी, स्टेशन परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों से गूंज उठा. लोगों के चेहरे पर खुशी और गर्व की झलक साफ देखी जा सकती थी. सभा को संबोधित करते हुए सांसद कामत ने कहा कि सुपौल जिले में रेल सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है. उन्होंने बताया कि अब मरौना से सुपौल और ललितग्राम से वीरपुर तक नई रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस परियोजना के लिए भूमि सर्वेक्षण जल्द शुरू होगा. उन्होंने कहा कि ललितग्राम में लगभग 70 एकड़ रेलवे की भूमि है, जिसका उपयोग वॉशिंग पिट अथवा अन्य रेलवे कार्यों के लिए किया जाएगा. इस प्रस्ताव पर विभाग गंभीरता से विचार कर रहा है. सांसद ने आगे बताया कि सुपौल से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों को स्थायी करने के लिए रेलवे मंत्रालय से आग्रह किया गया है. साथ ही आने वाले समय में सुपौल से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और अन्य बड़े शहरों के लिए भी सीधी ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे जिले का संपर्क देश के प्रमुख नगरों से और मजबूत होगा. सांसद कामत ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुपौल के समग्र विकास में रेलवे की अहम भूमिका है और यह ट्रेन उसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. मौके पर जदयू राजेंद्र प्रसाद यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, नागेंद्र नारायण ठाकुर, डॉ विजय शंकर चौधरी, युगल किशोर अग्रवाल, संतोष प्रधान, खुर्शीद आलम, ओम प्रकाश यादव, प्रमोद मंडल, हरेकांत झा, जगन्नाथ चौधरी, संजीव नयन गुप्ता, पवन अग्रवाल, अशोक चौधरी, रामचंद्र यादव, स्टेशन अधीक्षक प्रभाष चंद्र चौधरी, एसएम प्रमोद कुमार, टीआई किशोर कुमार गुप्ता, वाणिज्य अधीक्षक विपीन कुमार, रमन कुमार आदि मौजूद थे. स्थानीय नागरिकों में उत्साह ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पर जुटे. कई यात्री अपने परिवारों के साथ ट्रेन को विदा करने पहुंचे. स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस ट्रेन से न केवल बिहार के विभिन्न हिस्सों से जुड़ना आसान होगा, बल्कि पुणे और दानापुर जैसे बड़े शहरों तक यात्रा भी सुविधाजनक हो जाएगी. लोगों का मानना है कि इस नई सुविधा से शिक्षा, रोजगार और इलाज के लिए दूर-दराज शहरों की यात्रा आसान होगी.
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