पिपरा (सुपौल). पिपरा बाजार स्थित ऐतिहासिक और प्रमुख हाट परिसर में नगर पंचायत प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हाट परिसर की जमीन पर कई जगहों पर अतिक्रमण है. इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने और जमीन का विधिवत सीमांकन कराए बिना निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है. इसको लेकर दुकानदारों और ग्रामीणों में नाराजगी है.
अतिक्रमण के कारण लगातार सिकुड़ रहा हाट परिसर
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों के अनुसार हाट परिसर की सरकारी जमीन पर वर्षों से पक्के और कच्चे निर्माण के साथ कई तरह के अवैध कब्जे हैं. अतिक्रमण के कारण हाट की उपलब्ध जगह लगातार कम होती जा रही है. लोगों का कहना है कि हाट के सुंदरीकरण या नए निर्माण से पहले पूरी जमीन की नापी कराकर अतिक्रमण हटाना जरूरी था.
बिना सीमांकन निर्माण शुरू होने पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि संकीर्ण जगह में निर्माण शुरू किए जाने से भविष्य में हाट की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. उनका सवाल है कि जब तक सरकारी जमीन की वास्तविक सीमा निर्धारित कर अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक निर्माण कार्य किस आधार पर शुरू किया गया. लोगों ने सरकारी राशि के सही उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
दुकानदारों और ग्रामीणों को जाम की चिंता
व्यापारियों का कहना है कि यदि हाट परिसर से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बाजार के दिनों में जाम और अफरा-तफरी की समस्या और बढ़ सकती है. किसानों और खुदरा विक्रेताओं को दुकान लगाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलेगी. इससे उनके कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है.
अतिक्रमण हटाने के बाद कार्य शुरू करने की बात कही थी ईओ ने
नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने बताया था कि हाट परिसर से अतिक्रमण हटाने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक हाट परिसर से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है.
प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने नगर पंचायत प्रशासन से पहले हाट परिसर की जमीन की विधिवत नापी और सीमांकन कराने, सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा इसके बाद ही निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि इससे हाट की उपयोगिता बनी रहेगी और बाजार के दिनों में होने वाली परेशानी को भी कम किया जा सकेगा.
