सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट. सुपौल रेलवे स्टेशन का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है. स्टेशन परिसर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य ने अब जोर पकड़ लिया है. समस्तीपुर रेल मंडल के ‘गति शक्ति कंस्ट्रक्शन विभाग’ की देखरेख में स्टेशन को आधुनिक, आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
सर्कुलेटिंग एरिया का कायाकल्प, जाम से मिलेगी मुक्ति
इन दिनों स्टेशन परिसर में बड़े पैमाने पर मिट्टी भराई का कार्य जारी है. खासकर स्टेशन के मुख्य सर्कुलेटिंग एरिया को नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि यहां आने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें. रेलवे प्रशासन की योजना इस क्षेत्र में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए एक सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था तैयार करने की है. पार्किंग जोन बनने से स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर लगने वाले लंबे जाम और अव्यवस्था पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा.
पश्चिमी छोर पर बनेगा नया प्रवेश द्वार
स्टेशन के विकास कार्य में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव इसके भौगोलिक विस्तार को लेकर हो रहा है:
- नया एंट्री गेट: स्टेशन के पश्चिमी छोर पर स्थित मंदिर की ओर से एक नया और भव्य प्रवेश द्वार (एंट्री गेट) बनाया जाएगा.
- यात्रियों को लाभ: इस नए प्रवेश द्वार के निर्माण से यात्रियों की आवाजाही अधिक सुगम हो जाएगी. खासकर शहर के पश्चिमी क्षेत्र से आने-जाने वाले स्थानीय लोगों को अब घूमकर मुख्य द्वार पर नहीं आना पड़ेगा, जिससे उनके समय की बचत होगी.
गति शक्ति कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि स्टेशन परिसर को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और यात्रियों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से यह विकास कार्य कराया जा रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को आधुनिक वेटिंग हॉल, बेहतर रोशनी और सुगम रास्ते जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
आधुनिक स्टेशन की उम्मीद से लोगों में उत्साह
वर्तमान में स्टेशन परिसर में चल रहे इस व्यापक निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों, व्यवसायियों और दैनिक यात्रियों में भारी उत्साह का माहौल है. लोगों को पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सुपौल रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर कोसी क्षेत्र के एक प्रमुख और विकसित मॉडल स्टेशन के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा.
