World ORS Day: सुपौल. जिले में "डायरिया से डर नहीं" अभियान के तहत विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर बुधवार को सदर अस्पताल, सुपौल के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को डायरिया की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार के प्रति जागरूक करना था. इस दौरान डायरिया नियंत्रण अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 10 डायरिया चैंपियनों को सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ममता कुमारी ने प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया.
डायरिया का समय पर इलाज जरूरी : डॉ. ममता कुमारी
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ममता कुमारी ने किया. उन्होंने कहा कि डायरिया एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर ओआरएस घोल, जिंक की गोली और पर्याप्त तरल पदार्थ देने से मरीज को गंभीर स्थिति से बचाया जा सकता है. उन्होंने लोगों से स्वच्छता अपनाने, साफ पानी पीने और नियमित हाथ धोने की आदत विकसित करने की अपील की.
'डायरिया से डर नहीं' का दिया संदेश
कार्यक्रम के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रभातफेरी निकालकर लोगों को डायरिया की शीघ्र पहचान, ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि, जिंक की उपयोगिता तथा बच्चों में दस्त होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए जागरूक किया. अभियान के दौरान "डायरिया से डर नहीं" का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया गया.
पीएसआई इंडिया और केन्व्यू के सहयोग से हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) एवं केन्व्यू के सहयोग से आयोजित किया गया. कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सामुदायिक स्तर पर डायरिया नियंत्रण और जनजागरूकता को और मजबूत बनाने पर बल दिया.
कई स्वास्थ्य अधिकारी और छात्राएं रहीं मौजूद
World ORS Day: कार्यक्रम में डीसीएम अभिषेक कुमार, डीएमएनई शशि भूषण प्रसाद, डब्ल्यूएचओ के आरआरटी डॉ. आनंद कुमार, जेएसआई के नीरज कुमार, सदर अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद, पीएसआई इंडिया के मैनेजर प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन प्रदीप कुमार सिन्हा, फील्ड प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर सतीश कुमार, डाटा ऑपरेटर सुमित कुमार, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य भारती कुमारी तथा छात्राएं रिचू प्रिया, अंशु कुमारी, मोनिका कुमारी, अंजली कुमारी, सोनी, मोनी और वाणी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे.
