मंदिर समिति का खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में खुलवाएं - एसडीएम

पिछले आठ वर्षों के आय-व्यय व लेखा-जोखा की बैठक में की गई समीक्षा

– धर्मशाला में हुई बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति की बैठक – पिछले आठ वर्षों के आय-व्यय व लेखा-जोखा की बैठक में की गई समीक्षा राघोपुर. बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति की बैठक रविवार को मंदिर परिसर स्थित धर्मशाला में हुई. इसकी अध्यक्षता एसडीएम सह मंदिर समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार ने की. बैठक में वर्ष 2017 में समिति गठन के बाद बीते आठ वर्षों के आय-व्यय और लेखा-जोखा की समीक्षा की गई. इस दौरान एसडीएम ने रजिस्टरों की जांच की व मंदिर धर्मशाला में स्थित दुकानों के रसीद, अस्थायी दुकानों, गुदरी, जमीन और अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर चर्चा की. बैठक में रसीद छपाई, रसीद लेखन और डायरी मेंटेनेंस में अनियमितता पाए जाने पर एसडीएम ने खेद व्यक्त किया. एसडीएम ने समिति को विवाह भवन, धर्मशाला की दुकानों तथा मंदिर परिसर की अस्थायी दुकानों के लिए अलग-अलग रसीद छपवाने एवं काटने, समिति का खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में खुलवाने, सीसीटीवी को ऑनलाइन करने, रजिस्टर एवं कार्यालय का समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए. इसमें नई मंदिर समिति का गठन, वार्षिक बजट का निर्माण, 10 हजार रुपये से अधिक के खर्च का भुगतान चेक के माध्यम से, हाट एवं मकान किराया वसूली के लिए अलग-अलग रसीद व्यवस्था, नई समिति के आय-व्यय का वर्षवार विवरण वर्ष 2025 तक तैयार करने, ग्रामीण बैंक से खाता हटाकर राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलने, सीसीटीवी को इंटरनेट से जोड़ने, भंडार कक्ष की चाबी सचिव एवं कोषाध्यक्ष के पास रखने का निर्णय, मंदिर की समस्त परिसंपत्तियों से संबंधित कागजात सीओ के माध्यम से प्राप्त कर उन्हें सुरक्षित करने का निर्णय आदि शामिल है. बैठक में सीओ सह मंदिर समिति की उपाध्यक्ष रश्मि प्रिया, समिति सचिव संजीव यादव, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, कमल यादव, महेंद्र गुप्ता, शिबू राम, दीपक चौधरी, राजेश यादव, योगानंद ठाकुर, ललित यादव आदि मौजूद थे. बैठक में कुछ लोगों ने समिति के कार्यों का किया विरोध मालूम हो कि मंदिर समिति की बैठक नियमित रूप से नहीं होने के कारण कुछ स्थानीय लोगों द्वारा समिति पर अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे थे. इन्हीं आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सह समिति अध्यक्ष द्वारा यह बैठक आयोजित की गई. बैठक के दौरान भी कुछ लोगों ने समिति के कार्यों का विरोध किया. सदस्य महेंद्र गुप्ता ने समिति द्वारा वार्षिक बजट नहीं बनाए जाने पर खेद व्यक्त किया. वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने समिति के कार्यों पर सवाल उठाते हुए आक्रोश जताया. आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंदिर समिति के सचिव संजीव यादव ने कहा कि बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई और हमलोगों ने सारा ब्यौरा बैठक में रखा. कहा कि कुछ लोगों द्वारा बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व के 22 साल तक रहे कोषाध्यक्ष के पास ना तो कोई लेखा-जोखा है, ना तो किसी आरोप का कोई साक्ष्य है. उन्हें तो जबरन इस कमेटी द्वारा बाहर किया गया था. बावजूद बिना साक्ष्य के वे मनगढ़ंत आरोप लगाते रहते हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं है. कहा कि हमलोगों द्वारा पूरी ईमानदारी से कार्य किया जा रहा है. एसडीएम ने बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत दिनों से कमेटी की बैठक नहीं हो सकी थी. इसके कारण बहुत सारा कार्य और विकास कार्य प्रभावित हो रहा था. साथ ही मंदिर की जमीन और अन्य परिसंपत्तियों की भी जानकारी नहीं मिल पा रही थी. इसी उद्देश्य से इस बैठक का आयोजन किया गया था. इसके अलावा बैठक में मंदिर के सर्वांगीण विकास को लेकर भी चर्चा की गई.

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