प्रतापगंज (सुपौल) : कभी एनएच-57 के नाम से पहचानी जाने वाली और अब एनएच-27 का हिस्सा बन चुकी महत्वपूर्ण सड़क के रखरखाव कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाल में जिन हिस्सों की मरम्मत करायी गयी थी, वहां कुछ ही दिनों में सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी और दोबारा गड्ढे नजर आने लगे हैं. लोगों ने मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है.
बेलही पुल पर भी उखड़ने लगी सड़क की परत
स्थानीय लोगों के अनुसार, बेलही पुल पर कुछ समय पहले मैकेडम बिछाकर सड़क को दुरुस्त करने का प्रयास किया गया था. उनका आरोप है कि मरम्मत के कुछ समय बाद ही कई जगहों पर सड़क की परत उखड़ने लगी.
लोगों का यह भी आरोप है कि सड़क की कटिंग कर फिलिंग किये जाने वाले हिस्सों में मिलिंग मैटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है. उनका कहना है कि भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण इस तरह की फिलिंग ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती और सड़क फिर से क्षतिग्रस्त होने लगती है. हालांकि, इन आरोपों की तकनीकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
ड्रेनेज जाम, झाड़ियों से घट रही दृश्यता
सड़क के रखरखाव को लेकर स्थानीय लोगों ने ड्रेनेज और झाड़ियों की सफाई का मुद्दा भी उठाया है. बेलही पुल समेत मार्ग के कई हिस्सों में लंबे समय से रंग-रोगन नहीं होने की बात कही गयी है.
वहीं, सड़क किनारे उगी घास और झाड़ियों की नियमित कटाई नहीं होने से कई जगह वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होने की शिकायत है. जल निकासी के लिए बने साइड ड्रेन भी कचरे और घास से पटे होने की बात सामने आयी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रेनेज जाम रहने से बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा हो सकता है, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित होने की आशंका रहती है.
एनएचएआई से तकनीकी जांच की मांग
बेलही गांव निवासी संजीत कुमार, सुनील कुमार, संजीव कुमार यादव, शनिचर सरदार, कुलदीप रजक, बलदेव यादव समेत अन्य लोगों ने एनएचएआई अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है.
उन्होंने सड़क की कटिंग और फिलिंग में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री के इस्तेमाल की तकनीकी जांच कराने की मांग की है. साथ ही हाल में मरम्मत किये गये हिस्सों में कम समय में दोबारा गड्ढे बनने के कारणों की भी जांच की मांग की गयी है.
स्थानीय लोगों ने पुलों और सड़क के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से नहीं हुए रंग-रोगन, झाड़ी कटाई और सुरक्षा उपायों के साथ इनके लिए आवंटित राशि के उपयोग की भी जांच कराने की मांग की है.
127 किलोमीटर में चल रहा मरम्मत कार्य
एनएच-27 इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है. इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. ऐसे में सड़क के रखरखाव में किसी भी तरह की कमी वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए परेशानी का कारण बन सकती है.
इस संबंध में एनएचएआई के पीडी प्रवीण कटियार ने बताया कि उक्त सड़क मार्ग पर करीब 127 किलोमीटर क्षेत्र में मरम्मत कार्य चल रहा है. उन्होंने कहा कि जिस स्थान की शिकायत उनके संज्ञान में आ रही है, उसकी जांच करायी जाएगी और समस्या मिलने पर उसे दूर कराया जाएगा.
