50 घंटे बीत जाने के बाद भी एसएनसीयू से गायब नवजात शिशु का नहीं चला पता, परिजनों में आक्रोश

नवजात की चोरी से परिवार सदमे में है और लगातार अस्पताल तथा पुलिस प्रशासन से बच्चे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं.

– पुलिस हर एक बिंदु की कर रही जांच, वरीय अधिकारी स्थिति पर बनाये हुए हैं नजर सुपौल सदर अस्पताल से नवजात शिशु की चोरी की घटना को 50 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई है. मामले में परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. शुक्रवार सुबह परिजनों ने एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) के सामने जमकर प्रदर्शन किया और नवजात की शीघ्र बरामदगी की मांग की. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर है, जिसका फायदा उठाकर अज्ञात आरोपी ने इस गंभीर वारदात को अंजाम दिया. प्रदर्शन की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर कठोर कदम उठाए गए हैं. बड़ी संख्या में महिला तथा पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि वरीय पुलिस पदाधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. सदर डीएसपी गौरव गुप्ता शुक्रवार को कई बार अस्पताल पहुंचे और मामले की अद्यतन जानकारी ली. उन्होंने अस्पताल प्रशासन और जांच टीम से अलग-अलग बातचीत कर जांच की प्रगति की समीक्षा भी की. उधर, नवजात की चोरी से परिवार सदमे में है और लगातार अस्पताल तथा पुलिस प्रशासन से बच्चे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं. वहीं, इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है. लोग अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं. फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने, अस्पताल कर्मियों से पूछताछ करने और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाकर बच्चे की तलाश में जुटी है. परंतु जब तक नवजात की बरामदगी नहीं होती, परिजनों की बेचैनी और शहर में व्याप्त चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही. बच्चें के सकुशल बरामदगी के साथ गिरोह का भी लगाया पता सदर अस्पताल के एसएनसीयू से नवजात शिशु के गायब होने की घटना के बाद पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है. पुलिस टीम न केवल बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए लगातार प्रयासरत है, बल्कि इस घटना में शामिल किसी गिरोह या संगठित समूह की भूमिका की भी गहराई से तलाश कर रही है. जांच के क्रम में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, अस्पताल स्टाफ व उपस्थित लोगों से पूछताछ की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि किसी भी संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की सुरक्षित बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आरोपी या संबंधित गिरोह की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्त में लिया जाए. इस घटना से उत्पन्न चिंता को देखते हुए अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है. कहते हैं एसपी पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने कहा कि पुलिस लगातार काम कर रही है. बच्चें की सकुशल वापसी को लेकर प्रयास किया जा रहा है. जल्द ही बच्चें को बरामद कर लिया जायेगा.

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By RAJEEV KUMAR JHA

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