सुपौल : व्यवहार न्यायालय सुपौल परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के साथ हुई. इसके बाद प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार, प्रधान न्यायाधीश राहुल उपाध्याय, डीएम सावन कुमार, एसपी शरथ आरएस, विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर, सचिव सुधीर कुमार झा और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
त्वरित और कम खर्च में न्याय का माध्यम
इस अवसर पर प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है. यहां दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाता है, जिससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है.
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की.
आपसी सहमति से विवादों का समाधान
प्रधान न्यायाधीश राहुल उपाध्याय ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवादों का समाधान किया जा सकता है. इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी से राहत मिलती है.
समझौते से समाज में कायम होता है सौहार्द
डीएम सावन कुमार ने कहा कि लोक अदालत न्याय प्राप्त करने का सरल और प्रभावी माध्यम है. आपसी समझौते से विवादों का समाधान होने पर समाज में सौहार्द कायम रहता है.
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र मामलों का निष्पादन कर लोगों को त्वरित राहत दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जाना चाहिए.
लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के निपटारे का अवसर
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया चलती रही. पक्षकारों को मामलों के त्वरित समाधान के लिए आपसी समझौते का अवसर दिया गया.
कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में पक्षकार मौजूद रहे.
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रियांशी कश्यप और प्रकाश आनंद ने संयुक्त रूप से किया.