Supaul News: मधुबनी पंचायत की राजनीति और सामाजिक जीवन से लंबे समय तक जुड़ी रहीं पूर्व मुखिया शीला देवी का सोमवार देर रात निधन हो गया. 55 वर्षीय शीला देवी लंबे समय से असाध्य रोग से पीड़ित थीं और बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उपचार के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली.
शीला देवी के निधन की खबर मिलते ही मधुबनी पंचायत समेत पूरे प्रखंड क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी. जनप्रतिनिधियों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया. खासकर गरीब और मजदूर परिवारों के बीच उनकी मददगार छवि को याद किया जा रहा है.
2006 से 2016 तक रहीं पंचायत की मुखिया
शीला देवी का पंचायत की राजनीति से पुराना जुड़ाव रहा. वह वर्ष 2006 से 2016 तक दो कार्यकाल मधुबनी पंचायत की मुखिया रहीं.
वर्ष 2016 से उनके पति सीतानंद झा उर्फ सुनील बाबु लगातार पंचायत के मुखिया पद पर हैं. इस तरह झा परिवार लंबे समय से मधुबनी पंचायत के सामाजिक और जनप्रतिनिधित्व से जुड़े हुए हैं.
शीला देवी के निधन से पंचायत ने एक ऐसी महिला जनप्रतिनिधि को खो दिया, जो लंबे समय तक स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच सक्रिय रहीं.
गरीब और मजदूर परिवारों के बीच मददगार छवि
शीला देवी बड़े जमींदार परिवार की बहू थीं, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच उनकी पहचान उनकी सामाजिक संवेदनशीलता और जरूरतमंदों की मदद करने वाली महिला के रूप में थी.
परिजनों और शुभचिंतकों के अनुसार, वह सरल स्वभाव और मृदुभाषी थीं. जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहती थीं.
गरीब और मजदूर परिवारों के कई लोग उनके निधन से विशेष रूप से दुखी हैं. स्थानीय लोगों के बीच उनकी मदद और व्यवहार से जुड़ी यादें अब चर्चा में हैं.
लंबे समय से चल रहा था इलाज
परिजनों के अनुसार शीला देवी कई वर्षों से असाध्य रोग से जूझ रही थीं. उनका इलाज बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में चल रहा था.
सोमवार देर रात इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. इसके बाद अस्पताल में ही उनका निधन हो गया.
उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर को बेंगलुरु से एंबुलेंस के माध्यम से मधुबनी लाया जा रहा है. परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह तक पार्थिव शरीर के मधुबनी पहुंचने की उम्मीद है.
बुधवार को होगा अंतिम संस्कार
परिजनों ने बताया कि पार्थिव शरीर के पहुंचने के बाद बुधवार अपराह्न शीला देवी का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
उनके निधन से परिवार में भी गहरा शोक है. पति मुखिया सीतानंद झा उर्फ सुनील बाबु समेत परिजन शोकाकुल हैं.
शीला देवी अपने पीछे दो पुत्र प्रणव झा और केशव झा तथा दो पुत्रियों सीमा झा और सुष्मा झा समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गयी हैं.
Supaul News: पंचायत में लंबे समय तक सक्रिय रहीं शीला देवी
शीला देवी का जीवन केवल एक जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि पंचायत के सामाजिक जीवन से भी जुड़ा रहा. दो कार्यकाल तक मुखिया रहने के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनायी.
उनके निधन के बाद मधुबनी पंचायत के लोगों के बीच उनकी पुरानी यादें चर्चा में हैं. परिजन बताते हैं कि दया, करुणा और जरूरतमंदों की मदद के प्रति उनका झुकाव उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा था.
शीला देवी के निधन पर रूद्रानंद झा उर्फ मालिक, अच्युतानंदन झा उर्फ पिंकुजी सहित अन्य परिजनों और शुभचिंतकों ने शोक व्यक्त किया है. पंचायत के लोगों ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है.
