13 लाभुकों को ऋण स्वीकृति व 21 को सौंपा गया भुगतान पत्र

शिविर में विभिन्न बैंकों द्वारा लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं भुगतान पत्र वितरित किए गए

By RAJEEV KUMAR JHA |

सुपौल. जिला उद्योग केंद्र सुपौल के तत्वावधान में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर का आयोजन उप विकास आयुक्त सुधीर कुमार की अध्यक्षता में की गयी. शिविर में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, परियोजना प्रबंधक, उद्योग विभाग, सभी बैंक जिला समन्वयक एवं संबंधित जिला संसाधन सेवी (डीआरपी) उपस्थित रहे. डीडीसी ने सभी उपस्थित बैंक अधिकारियों एवं लाभुकों का स्वागत करते हुए शिविर के उद्देश्य से अवगत कराया. कहा कि सरकार द्वारा संचालित इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है. शिविर में विभिन्न बैंकों द्वारा लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं भुगतान पत्र वितरित किए गए. जिसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 02 लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र, 03 लाभुकों को भुगतान पत्र, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत 11 लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं 18 लाभुकों को भुगतान पत्र वितरण किया गया. महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र द्वारा अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में पीएमईजीपी के तहत जिले को कुल 304 लक्ष्य प्राप्त हुए थे. जिसके विरुद्ध अब तक 170 ऋण स्वीकृत हुए एवं 109 ऋण का भुगतान किया जा चुका है. वहीं पीएमएफएमई योजना के तहत 220 लक्ष्य के विरुद्ध 191 ऋण स्वीकृति एवं 141 का भुगतान किया गया है. समीक्षा के क्रम में डीडीसी ने निर्देशित किया कि जिन बैंकों ने शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति कर ली है, उन्हें जिला पदाधिकारी के माध्यम से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा. साथ ही सभी बैंक जिला समन्वयकों को निर्देश दिया गया कि 31 मार्च 2025 तक दोनों योजनाओं के अंतर्गत शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें. कहा कि बैंक समन्वयक उन शाखाओं की पहचान करें जहां लक्ष्य के अनुरूप आवेदन कम सृजित हुए हैं और वहां अपने स्तर से तथा जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से अधिक से अधिक आवेदन सृजित कर लक्ष्य की पूर्ति कराएं. सभी जिला संसाधन सेवियों (डीआरपी) को भी निर्देश दिया गया कि वे पीएमएफएमई योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन सृजित करें और बैंक समन्वय स्थापित कर ऋण स्वीकृति एवं भुगतान सुनिश्चित कराएं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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