सुपौल. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मो अफजल आलम के निर्देशानुसार रविवार को नगर परिषद वार्ड संख्या 18 स्थित बंजारन टोला में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा पीड़ितों को उनके कानूनी अधिकारों और नालसा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देना था. जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि इसके तहत प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं से प्रभावित लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता और पुनर्वास से संबंधित सहयोग प्रदान किया जाता है. यह योजना राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रारंभ की गई है. जिसे राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से लागू किया जाता है. कार्यक्रम में बताया गया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा के कारण कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे और पीड़ितों को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके. बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ दंगे, औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी मानव-निर्मित आपदाओं के शिकार लोग भी इस योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकते हैं. वक्ताओं ने कहा कि नालसा योजना के तहत आपदा पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सलाह, आवश्यक मामलों में न्यायालय में कानूनी प्रतिनिधित्व तथा पुनर्वास से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है. यह योजना विशेष रूप से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के न्याय प्राप्त कर सकें. इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता विमलेश कुमार ने लोगों को सरल भाषा में विधिक सेवाओं की जानकारी दी. वहीं पीएलवी मो निजाम, मो सजाद, इमरान सहित अन्य सदस्यों ने भी जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाई. स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को लोगों ने उपयोगी बताया. भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता शिविर आयोजित करने की मांग की. ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग मुफ्त कानूनी सेवाओं का लाभ उठा सकें.
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