तिब्बत से आए भारी जलप्रवाह के कारण नेपाल के पांच जिलों में मची तबाही के बीच सीमावर्ती सुपौल जिले में कोसी नदी के जलस्तर को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि, जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कोसी बराज पर स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है. वीरपुर स्थित मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) संजीव शैलेश ने तकनीकी टीम के साथ बराज का निरीक्षण कर बताया कि भोटेकोसी नदी के जलप्रवाह से कोसी नदी पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है. वहीं, जिलाधिकारी सावन कुमार ने प्रेस नोट जारी कर आम जनता से सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की सख्त अपील की है.
कोसी बराज का ताजा डिस्चार्ज: 17 फाटक खोले गए
गुरुवार की सुबह 10 बजे कोसी बराज स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- बराज पर डिस्चार्ज: कोसी नदी का कुल जलस्तर 1,42,360 क्यूसेक दर्ज किया गया है, जो घटते क्रम (Falling Trend) में है.
- बराहक्षेत्र की स्थिति: जल अधिग्रहण क्षेत्र बराहक्षेत्र में जलस्तर 96,250 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो बढ़ते क्रम में है.
- फाटक और नहर संचालन: जलस्तर के सुरक्षित प्रबंधन के लिए कोसी बराज के कुल 17 फाटक (Sluice Gates) खोले गए हैं. इसके अतिरिक्त खरीफ फसलों की सुलभ सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पश्चिमी कोसी मुख्य नहर में 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.
चीफ इंजीनियर का निरीक्षण: नदी में कोई खतरा नहीं
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बुधवार देर शाम पूरी टीम के साथ बराज और तटबंधों का स्थलीय मुआयना किया:
- तकनीकी निगरानी: उन्होंने बताया कि नेपाल के पहाड़ी हिस्सों में आई बाढ़ का कोसी नदी पर कोई खतरनाक असर नहीं पड़ा है.
- घबराने की जरूरत नहीं: मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि जलस्तर का वर्तमान स्तर बिल्कुल सामान्य और सुरक्षित दायरे में है. तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी नागरिक को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है.
डीएम सावन कुमार की अपील: अफवाहों से बचें, स्थिति सामान्य
जिला प्रशासन ने भ्रामक और डराने वाले दावों पर विराम लगाते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है:
- आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा: डीएम सावन कुमार ने कहा कि कोसी का जलस्तर 1.5 लाख क्यूसेक से भी नीचे चल रहा है. ऐसे में बाढ़ जैसी कोई आपात स्थिति नहीं है.
- सतर्कता एवं प्रशासनिक मुस्तैदी: नागरिकों से केवल जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा जारी बुलेटिन पर ही विश्वास करने को कहा गया है. कंट्रोल रूम 24 घंटे अलर्ट पर है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है.
