वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट
Kosi Barrage Water Level: मंगलवार की सुबह 08:00 बजे बराहक्षेत्र का जलस्तर बढ़कर 1,26,200 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो लगातार बढ़ते क्रम में है. स्थिति को देखते हुए कोसी बराज के 20 फाटकों को खोल दिया गया है. जलस्तर में हो रही यह तीव्र वृद्धि इस साल के अब तक के सर्वाधिक रिकॉर्ड (1,86,385 क्यूसेक) को भी पार करने की आशंका है. बढ़ते खतरे के बीच चीफ इंजीनियर और सुप्रिटेंडेंडिंग इंजीनियर कंट्रोल रूम से स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं.
पिछले रिकॉर्ड को तोड़ सकता है जलस्तर, तटबंधों के अंदर बढ़ी धड़कनें
नदी के जलस्तर में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि से बाढ़ की विभीषिका का डर एक बार फिर सताने लगा है:
- तुलनात्मक आंकड़े: इससे पूर्व 22 जून को बराहक्षेत्र का जलस्तर 1,23,500 क्यूसेक तक पहुंचा था, तब बराज के 22 फाटकों को खोलना पड़ा था. लेकिन आज की बढ़ोतरी पिछले सभी पैमानों को पीछे छोड़ रही है.
- पुरानी यादों का खौफ: कोसी का बढ़ता जलस्तर इसलिए भी डरा रहा है क्योंकि पिछले दो सालों में दर्ज किए गए रिकॉर्ड 6.61 लाख क्यूसेक और 5.34 लाख क्यूसेक के जलस्तर ने भारी तबाही मचाई थी, जिसकी दहशत आज भी स्थानीय लोगों के दिलों में कायम है.
चीफ इंजीनियर ने बराज का लिया जायजा, सिर्फ जेई की मौजूदगी पर जताई नाराजगी
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सोमवार की शाम खुद विभागीय चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश और सुप्रिटेंडेंडिंग इंजीनियर संजय कुमार कोसी बराज पहुंचे थे:
- कंट्रोल रूम का निरीक्षण: दोनों वरीय अधिकारियों ने बराज स्थित मुख्य कंट्रोल रूम में जाकर फाटकों (गेट्स) के संचालन और उनकी यांत्रिक स्थिति की गहन जानकारी ली.
- लापरवाही पर भड़के: मैकेनिकल डिविजन में जब कर्मियों की संख्या और ड्यूटी रोस्टर की जांच की गई, तो मौके पर केवल एक कनीय अभियंता (JE) उपस्थित मिले. इस घोर लापरवाही पर चीफ इंजीनियर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी.
बराज और दोनों तटबंध पूरी तरह सुरक्षित: विभाग
बाढ़ की आशंका और सुरक्षात्मक उपायों को लेकर विभागीय मुख्य अभियंता ने जनता को आश्वस्त करते हुए स्थिति स्पष्ट की है:
"नेपाल के पहाड़ी और जल अधिग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होने के कारण कोसी नदी के जलस्तर में उफान आना स्वाभाविक प्रक्रिया है. वर्तमान में बढ़ा हुआ यह जलस्तर कोसी बराज की डिस्चार्ज क्षमता और लिमिट के पूरी तरह अंदर है. बराज समेत कोसी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही मुख्य तटबंध (Embankments) पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत हैं. संवेदनशील स्थलों पर फ्लड फाइटिंग सामग्री के साथ सतत निगरानी और 24 घंटे चौकसी बरती जा रही है. आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है." — संजीव शैलेश, चीफ इंजीनियर, कोसी जल संसाधन विभाग
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