Kosi Barrage Water Level: नेपाल स्थित कोसी नदी के जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र में मंगलवार को पानी का डिस्चार्ज 1,23,500 क्यूसेक से बढ़कर 1,26,200 क्यूसेक तक पहुंच गया. इसके प्रभाव से कोसी बराज का जलस्तर दोपहर दो बजे तक तेजी से बढ़ते हुए 1,88,210 क्यूसेक के पार चला गया. नदी के खतरे के निशान से ऊपर जाने के कारण बराज के पूर्वी छोड़ पर 'लाल बत्ती' जला दी गई है और रेड फ्लैग लगा दिया गया है. हालांकि, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने वर्तमान में स्थिति को नियंत्रण में और सुरक्षित बताया है.
22 जून का रिकॉर्ड टूटा, खोले गए 24 फाटक
इस मानसूनी सीजन में कोसी नदी अपने सबसे रौद्र रूप में दिखाई दे रही है:
- सर्वाधिक डिस्चार्ज: इससे पहले बीते 22 जून को कोसी का जलस्तर 1,86,385 क्यूसेक पहुंचा था, लेकिन मंगलवार को इसने पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.
- फाटकों की संख्या बढ़ाई गई: उफान को देखते हुए बराज प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले से खुले 18 फाटकों की संख्या को बढ़ाकर 24 कर दिया, ताकि पानी का निकास सुचारू रूप से हो सके.
- बुधवार तक राहत नहीं: बराह क्षेत्र में आंशिक कमी के बावजूद पानी के प्रवाह की गति को देखते हुए यह अनुमान है कि अगले 6 से 8 घंटों तक जलस्तर का दबाव बना रहेगा, जिससे तटबंध के भीतर बसे गांवों की मुश्किलें बुधवार तक कम नहीं होंगी.
डीएम ने लिया जायजा; तटबंधों पर हाई अलर्ट
सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है:
- डीएम की समीक्षा: सुपौल जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्वयं कोसी बराज का दौरा कर बढ़ते जलस्तर, गेटों के संचालन और तकनीकी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया था.
- कैंप कर रहे अधिकारी: कौशिकी भवन स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Flood Control Room) के अनुसार, जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर संजय कुमार एवं फ्लड फाइटिंग फोर्स के चेयरमैन लगातार दोनों तटबंधों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
सभी स्पर सुरक्षित, संवेदनशील बिंदुओं पर फ्लड फाइटिंग सामग्री तैयार
नदी के बढ़ते तेवर के बीच जल संसाधन विभाग के शीर्ष नेतृत्व ने सुरक्षात्मक तैयारियों को लेकर आम जनता को आश्वस्त किया है:
"कोसी बराज और नदी के दोनों मुख्य तटबंधों के सभी स्पर (Spurs) पूरी तरह सुरक्षित हैं. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बिंदुओं पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण पहले ही कर लिया गया है. राहत की बात यह है कि अब बराह क्षेत्र से पानी घटने के कगार पर है, इसलिए फिलहाल किसी भी प्रकार के जान-माल के खतरे की बात नहीं है. हमारी टीम 24 घंटे अलर्ट पर है." — संजीव शैलेश, मुख्य अभियंता (Chief Engineer), जल संसाधन विभाग
