पिपरा थाना क्षेत्र के कटैया चौक पर 25 अगस्त को हुई भीषण सड़क दुर्घटना में कीर्तन-भजन कर रहे पांच लोगों की मौत के बाद इलाके में शोक के साथ आक्रोश भी है. हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण भी घटना से गहरे सदमे में हैं. दिवंगतों की आत्मा की शांति और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार शाम युवाओं के नेतृत्व में विशाल कैंडल मार्च निकाला गया.
मोमबत्ती की रोशनी में दी गयी दिवंगतों को श्रद्धांजलि
कैंडल मार्च में युवाओं के साथ बुजुर्ग, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर लोगों ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की. जैसे-जैसे मार्च आगे बढ़ा, पूरा कटैया चौक गमगीन नजर आया. लोगों ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जतायी.
मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि पांच लोगों की एक साथ मौत की घटना बेहद पीड़ादायक है. इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को भीतर तक झकझोर दिया है.
हाथों में मोमबत्ती, जुबां पर ‘न्याय चाहिए’
कैंडल मार्च के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर ‘न्याय चाहिए’ के नारे लगाये. लोगों ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.
युवाओं ने कहा कि मार्च का उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि दिवंगतों को श्रद्धांजलि देना और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का संदेश देना है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की.
हादसे ने कई परिवारों का छीन लिया सहारा
ग्रामीणों ने कहा कि पांच लोगों की मौत से कई परिवारों का सहारा छिन गया है. ऐसे मुश्किल समय में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए. लोगों ने घटना की जांच के साथ भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग भी रखी.
मार्च के दौरान ग्रामीणों में गहरा आक्रोश दिखा, लेकिन लोगों ने अपनी मांग शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन तक पहुंचायी. ग्रामीणों का कहना था कि उनकी मांग न्याय और पीड़ित परिवारों के अधिकारों से जुड़ी है.
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
कैंडल मार्च में मुखिया प्रतिनिधि नवीन कुमार, पैक्स अध्यक्ष बाबुल कुमार, रंजीत कुमार, प्रमोद कुमार, गणेश राम, आनंद कुमार, विशमोहन कुमार, प्रिंस कुमार, रोहित कुमार, रामप्रवेश कुमार, संजय यादव और हिमांशु कुमार समेत बड़ी संख्या में युवा, ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए.
मार्च के समापन पर लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की. साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जतायी. ग्रामीणों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा गांव पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है.
