भटकने से भगवान की प्राप्ति संभव नहीं : परमानंदजी महाराज

ध्यान योग से चारों बंधन स्थूल, सूक्ष्म, कारण और महा कारण से मुक्ति मिल सकती है

कटैया-निर्मली. पिपरा प्रखंड क्षेत्र के निर्मली पंचायत स्थित वार्ड नंबर 07 में मनरेगा भवन के पास आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग के प्रथम दिन गुरुवार को कुप्पाघाट भागलपुर से आए मुख्य प्रवक्ता पूज्य स्वामी परमानंदजी महाराज ने कहा कि लोग अज्ञानता के कारण परमात्मा से दर्शन के लिए मंदिर मंदिर भटकते हैं. जबकि भटकने से भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है. मानव शरीर में ही ईश्वर ने सब कुछ दे रखा है. ध्यान योग से चारों बंधन स्थूल, सूक्ष्म, कारण और महा कारण से मुक्ति मिल सकती है. उन्होंने कहा कि परमात्मा की भक्ति के लिए सत्संग के स्वरूप को जानना आवश्यक है, नहीं तो लोगों को जीवन भर ईश्वर दर्शन के लिए भटकना ही पड़ेगा. बाबा ने कहा कि पंच विषयों का ज्ञान शरीर के पांच ज्ञानेंद्रियों से होता है. लेकिन मानव परमात्मा से अलग होकर इस शरीर के अधीन रह गए हैं. भजनों की प्रस्तुति से पूरा माहौल भक्ति में नजर आ रहा था. स्वामी परमानंद जी महाराज ने कहा कि सत्संग परमात्मा को प्राप्त करने की पहली सीढ़ी है. जहां लोग सत्संग के महत्व को समझ कर परमात्मा को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ते हैं. सत्संग के संत महात्माओं द्वारा बताए रास्ते पर चलकर सत्य कर्म से अपने उत्तरदायित्व का निर्वाहन कर ध्यान योग से परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं. अन्य साधु महात्माओं द्वारा भी प्रवचन किया गया. सत्संग स्थल पर हजारों की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु प्रवचन को सुनकर मंत्रमुग्ध हो गए.

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