जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना पर विराम लगाने के लिए दिये गये कई निर्देश

समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में सोमवार को संसद सदस्य जिला सड़क सुरक्षा समिति, सुपौल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी.

– सदस्यों ने दिये कई सुझाव – बिना निबंधन वाहन पर जुर्माना लगाने का दिया निर्देश सुपौल. समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में सोमवार को संसद सदस्य जिला सड़क सुरक्षा समिति, सुपौल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता सांसद दिलेश्वर कामैत ने की. इस अवसर पर जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, जिला सड़क सुरक्षा समिति के नामित सदस्य व संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे. बैठक के प्रारंभ में डीटीओ संजीव कुमार सज्जन द्वारा पौधा भेंट कर अध्यक्ष व अन्य सदस्यों का स्वागत किया गया. इसके पश्चात डीटीओ ने बैठक के उद्देश्य, महत्व व जिले में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अब तक की गयी प्रगति से सदन को अवगत कराया. सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर फोकस डीटीओ ने बताया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का सतत विश्लेषण किया जा रहा है. दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान, ब्लैक स्पॉट का चिह्निकरण व सुधार, सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्ययोजना का निर्माण, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की स्थिति, गुड समैरिटन (नेक व्यक्ति) से संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन तथा परिवहन विभाग द्वारा उठाए गए नवाचारी कदमों की नियमित समीक्षा की जा रही है. ब्लैक स्पॉट की पहचान पर विधायकों के सुझाव बैठक के दौरान निर्मली विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव ने ब्लैक स्पॉट की पहचान में और अधिक संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने पिपरा खुर्द व झाझा के निकट भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने का सुझाव दिया. साथ ही परिवहन विभाग की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रखंड स्तर पर बैनर व सूचना सामग्री प्रदर्शित करने की मांग की. पिपरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामविलास कामत ने भी ब्लैक स्पॉट सूची के विस्तार की आवश्यकता बताते हुए करिहो चौक व बगही चौक को इसमें शामिल करने का अनुरोध किया. गोल्डन आवर और नेक व्यक्ति योजना का प्रचार बैठक में सड़क दुर्घटना के गोल्डन आवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को दिये जाने वाले 25 हजार की प्रोत्साहन राशि के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया. डीटीओ ने बताया कि इस योजना के संबंध में परिवहन, स्वास्थ्य, पुलिस व न्यायिक पदाधिकारियों को संयुक्त प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि नेक व्यक्तियों को किसी प्रकार की अनावश्यक पूछताछ या कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े. जिला पदाधिकारी-सह-सदस्य सचिव, जिला सड़क सुरक्षा समिति सावन कुमार ने निर्देश दिया कि इस योजना से संबंधित जागरूकता के लिए शहर के प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाए जाएं तथा सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से निरंतर अभियान चलाया जाए. यातायात जाम और ई-रिक्शा पर सख्ती बैठक में जिले के प्रखंड, अनुमंडल व जिला मुख्यालयों में यातायात जाम की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बिना निबंधन संचालित ई-रिक्शा के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी. साथ ही ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट व समय निर्धारण का अधिकार सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को दिया गया. वीरपुर अनुमंडल पदाधिकारी ने घने कोहरे को ध्यान में रखते हुए सड़कों के मध्य व किनारों पर बनी उजले रंग की पट्टियों (रोड मार्किंग) को दुरुस्त करने का सुझाव दिया. इस पर जिला पदाधिकारी ने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को तत्काल आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. सांसद का सख्त संदेश अध्यक्षीय संबोधन में सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में बिहार देश में दसवें स्थान पर है. जिसे सुधारने की जरूरत है. उन्होंने यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन व निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. ओवर स्पीडिंग, सीट बेल्ट नहीं पहनना, गलत दिशा में वाहन चलाना और अनियंत्रित यू-टर्न को उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बताया. सांसद ने परिवहन विभाग को स्कूलों व कॉलेजों में प्राथमिकता के आधार पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने तथा चालक अनुज्ञप्ति निर्गत करने की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्देश दिया. पुलिस पदाधिकारियों को उन्होंने सड़क पर अनुशासन और यातायात नियमों के कठोर अनुपालन को सुनिश्चित करने को कहा. जिला पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सड़क नियमों व उल्लंघन की स्थिति में दंड, जुर्माने से संबंधित एक सूचना पुस्तिका (बुकलेट) तैयार की जा रही है. जिसे शीघ्र ही आम जनता के लिए जारी किया जायेगा. सांसद ने निर्देश दिया कि जिले में जिन स्थानों पर दो या अधिक बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है. उनकी पहचान कर सभी थाना क्षेत्रों से रिपोर्ट लेकर विशेष कार्य योजना तैयार की जाये.

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