राघोपुर. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सोमवार को राघोपुर रेफरल अस्पताल सहित तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया. शिविर में कुल 184 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गयी. इस दौरान महिलाओं का हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, यूरिन एल्ब्यूमिन और ब्लड ग्रुप सहित कई जरूरी परीक्षण किए गए. डॉ दीपक गुप्ता ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान करना है. जांच के दौरान अधिक या कम वजन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और खून की कमी जैसी समस्याओं की पहचान कर महिलाओं को उचित सलाह और इलाज दिया गया. जिन महिलाओं में खून की कमी पायी गयी, उन्हें आयरन की गोलियां उपलब्ध करायी गयीं और संतुलित व पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गयी. अभियान के तहत राघोपुर रेफरल अस्पताल में सबसे अधिक 114 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई. इसके अलावा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गनपतगंज में 44 और करजाईन अस्पताल में 26 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. इस प्रकार तीनों केंद्रों पर कुल 184 गर्भवती महिलाओं की जांच की गयी. कुछ स्थानों पर महिलाओं की अधिक भीड़ के कारण जांच देर तक जारी रही. बीएचएम नोमान अहमद ने बताया कि जांच के दौरान पांच उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान की गयी है. ऐसी महिलाओं की विशेष निगरानी के लिए प्रत्येक माह की 21 तारीख को विशेष जांच और परामर्श की व्यवस्था की जाती है, ताकि मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके. शिविर में गर्भवती महिलाओं को आवश्यक दवाइयां भी दी गयीं. साथ ही उनके लिए नाश्ता और पेयजल की व्यवस्था की गयी थी. इस अभियान को सफल बनाने में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग किया. इस मौके पर डॉ ललिता कुमारी, बीसीएम मो शदाब, लैब टेक्नीशियन संजीव कुमार साह, अरविंद कुमार, कन्हैया राय, एएनएम और कई आशा कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 184 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सोमवार को राघोपुर रेफरल अस्पताल सहित तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया.
