सुपौल शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गणेश पूजा का महापर्व श्रद्धा, आस्था और अपार उत्साह के साथ आयोजित करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. आयोजन समिति द्वारा आकर्षक पूजा पंडाल, मनोहारी विद्युत सज्जा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप दिया जा रहा है. तैयारियों के साथ ही पूरा गांधी मैदान परिसर आध्यात्मिक और भक्तिमय माहौल में रंग गया है.
इस वर्ष गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में गांधी मैदान में 16 सितंबर से 22 सितंबर तक सात दिवसीय संगीतमय 'श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ' का भव्य आयोजन सुनिश्चित किया गया है.
अयोध्या धाम से पहुंच रहे हैं कथा वाचक एवं विद्वान दल
श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन को भव्य और प्रामाणिक बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है:
- अयोध्या से विद्वानों का आगमन: सात दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक अनुष्ठान के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या से प्रख्यात कथा वाचक एवं उनकी सहयोगी संगीत मंडली सुपौल पहुंच रही है.
- ज्ञान व भक्ति का संगम: कथा के दौरान प्रतिदिन दोपहर और संध्या सत्र में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, श्रीमद्भागवत के गूढ़ प्रसंगों और आध्यात्मिक प्रवचनों का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे.
कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां एवं आयोजन तालिका
| तिथि | मुख्य धार्मिक आयोजन | विवरण |
| 16 सितंबर से 22 सितंबर | सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा | अयोध्या से पधारे कथा व्यास द्वारा प्रतिदिन संगीतमय कथा एवं आध्यात्मिक प्रवचन |
| 23 सितंबर | भव्य एवं विशेष महाआरती | गणेश उत्सव के समापन अवसर पर 108 दीपों से भगवान गणेश की सामूहिक महाआरती |
23 सितंबर को होगी दिव्य महाआरती, सौहार्द की अपील
आयोजन समिति ने गणेश पूजा और भागवत कथा के समापन को लेकर व्यापक योजना बनाई है:
- भव्य महाआरती: 23 सितंबर को गांधी मैदान परिसर में एक विशेष महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें सुपौल शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है. इसके लिए सुरक्षा, पेयजल और कतारबद्ध दर्शन के कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं.
- शांति व सद्भाव का संदेश: आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं. इस धार्मिक महोत्सव का मूल उद्देश्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी प्रेम, शांति और सौहार्द का विस्तार करना है. समिति ने सभी शहरवासियों से कथा व महाआरती में सपरिवार भाग लेने का विनम्र आह्वान किया है.
