कर्ज, इलाज व बेबसी के बीच टूटा एक परिवार, बिना शव के हुआ क्रिया-कर्म

जिले में मानवता की एक मिसाल पेश करते हुए दो सामाजिक संगठनों ने मिलकर एक गरीब परिवार को वह सम्मान दिलाया, जो आर्थिक मजबूरी के कारण उनसे छिन गया था.

मानवता की मिसाल. सामाजिक पहल से 13 दिन बाद गांव पहुंचा युवक का पार्थिव शरीर, इसके बाद हुआ दाह संस्कार सुपौल. जिले में मानवता की एक मिसाल पेश करते हुए दो सामाजिक संगठनों ने मिलकर एक गरीब परिवार को वह सम्मान दिलाया, जो आर्थिक मजबूरी के कारण उनसे छिन गया था. नेपाल में इलाज के दौरान मौत के बाद शव न मिलने से जिस बेटे का पिंडदान बिना देह के करना पड़ा, उसे 12 दिन बाद समाज ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिलाई. किशनपुर थाना क्षेत्र के श्रीपुर सुखासन वार्ड संख्या 06 निवासी 30 वर्षीय प्रमोद शर्मा, जो पंजाब में मजदूरी करता था, तबीयत बिगड़ने पर घर लौटा था. परिजन उसे इलाज के लिए नेपाल के विराटनगर स्थित न्यूरो हॉस्पिटल ले गये. जहां डॉक्टरों ने ब्रेन ट्यूमर बताया और इलाज में करीब चार लाख रुपये खर्च होने की बात कही. परिवार ने किसी तरह यह रकम जुटा दी, लेकिन 11 दिन बाद ऑपरेशन के दौरान प्रमोद की मौत हो गयी. मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने फिर से चार लाख रुपये की मांग की. गरीब परिवार यह राशि नहीं जुटा सका. परिजनों का आरोप है कि बकाया राशि के कारण अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया. मजबूर होकर परिजन बिना शव के ही गांव लौट आये और प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन कर क्रिया-कर्म कर दिया. इस मार्मिक घटना की जानकारी लाइफ सेवियर फाउंडेशन, बिहार और कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही को मिली. जानकारी मिलते ही दोनों संगठनों ने अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया और लगातार प्रयासों के बाद करीब तीन लाख रुपये का बकाया बिल पूरी तरह माफ कराया. इसके बाद बिना किसी शुल्क के शव परिजनों को सौंपा गया. सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने एंबुलेंस से शव को विराटनगर से सुखासन पंचायत लाकर पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया. शनिवार को प्रमोद की पत्नी किरण देवी ने पति को मुखाग्नि दी. इस मानवीय पहल के लिए सुखासन पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि ने न्यूरो हॉस्पिटल प्रशासन, लाइफ सेवियर फाउंडेशन, बिहार तथा कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही के सदस्यों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन समाज में मानवता की लौ जलाए रखते हैं. संकट की घड़ी में असहाय परिवारों के लिए संजीवनी का काम करते हैं. इस मौके पर लाइफ सेवियर फाउंडेशन की ओर से राहुल मंडल सनातनी, मनीष राज, राहुल यादव, सूरज मिश्रा, रितेश मिश्रा तथा कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही से लोलप ठाकुर, गुड्डू जीजीआर, संत अमरजीत, अरमान, प्रशांत वर्मा, सुमित सिंह, राहुल पासवान सहित कई समाजसेवी मौजूद रहे.

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