कोसी क्षेत्र में अब आसानी से उन्नत मशीनों के जरिये हो सकेगी वाहनों की फिटनेस जांच

कोशी कमिश्नरी का पहला स्वचालित वाहन परीक्षण स्टेशन (एटीएस) पिपरा प्रखंड क्षेत्र के हटवरिया में शुरू हो गया है.

कोसी कमिश्नरी का पहला स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र हटवरिया में शुरू

सुपौल. जिले में परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. कोशी कमिश्नरी का पहला स्वचालित वाहन परीक्षण स्टेशन (एटीएस) पिपरा प्रखंड क्षेत्र के हटवरिया में शुरू हो गया है. 25 मार्च 2026 से संचालित यह अत्याधुनिक केंद्र न केवल सुपौल, बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र के वाहन स्वामियों और परिवहन व्यवसायियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर सुपौल-सिंहेश्वर पथ पर स्थित इस केंद्र का निर्माण लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. यह बिहार का सातवां और कोशी क्षेत्र का पहला एटीएस है. जिससे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया और मधुबनी सहित आसपास के जिलों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. स्वचालित परीक्षण स्टेशन एक आधुनिक सुविधा है. जहां वाहनों की फिटनेस जांच उन्नत मशीनों और तकनीकी उपकरणों के माध्यम से की जाती है. इसमें मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम होता है, जिससे जांच पूरी तरह निष्पक्ष और सटीक होती है. यहां ब्रेक सिस्टम, हेडलाइट एलाइनमेंट, व्हील एलाइनमेंट, सस्पेंशन, स्पीडोमीटर और प्रदूषण स्तर सहित विभिन्न सुरक्षा मानकों की वैज्ञानिक जांच की जाती है.

वाहन मालिकों को मिलेगी बड़ी राहत

अब तक कोशी क्षेत्र के वाहन स्वामियों को फिटनेस जांच के लिए दरभंगा, भागलपुर जैसे दूरदराज जिलों का रुख करना पड़ता था. इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी. सुपौल में एटीएस शुरू होने से अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो गयी है. जिससे समय, ईंधन और श्रम की बचत होगी और व्यवसायिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी.

सड़क सुरक्षा और पर्यावरण को मिलेगा लाभ

इस केंद्र के संचालन से सड़क सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है. तकनीकी रूप से खराब वाहनों की पहचान समय रहते हो सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी. साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी नियंत्रण होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.

समय पर कराएं फिटनेस जांच : डीटीओ

जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार सज्जन ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की फिटनेस जांच समय पर कराएं. उन्होंने कहा कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र के वाहन चलाना कानूनन अपराध है. उन्होंने यह भी बताया कि एटीएस में जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के अनुरूप होगी.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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