Triveniganj Fertilizer Shop : त्रिवेणीगंज नगर परिषद के वार्ड 25 स्थित पूजा ट्रेडर्स में जांच के दौरान मिली गंभीर अनियमितताओं के बाद जिला कृषि पदाधिकारी ने खाद की बिक्री पर रोक लगा दी थी. दुकान का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर संचालक से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था. इसके बावजूद दुकान से कथित रूप से खाद की बिक्री जारी रहने की शिकायत सामने आने के बाद कृषि विभाग की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. विभाग ने शिकायत के बाद दोबारा जांच शुरू कर दी है.
जांच में लाइसेंस स्थल से अलग जगह मिली दुकान
शिकायत के बाद जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश पर 4 अगस्त को प्रखंड कृषि पदाधिकारी नीतीश कुमार ने पूजा ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया था. जांच के दौरान पाया गया कि उर्वरक दुकान निर्धारित लाइसेंस स्थल के बजाय किसी दूसरे स्थान पर संचालित की जा रही थी. दुकान के डिस्प्ले बोर्ड पर भी अनिवार्य सूचनाएं और स्टॉक से संबंधित विवरण दर्ज नहीं थे.
जांच में पीओएस मशीन में दर्ज खाद के स्टॉक और दुकान में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक के बीच भी काफी अंतर पाया गया. इससे विभागीय जांच में अनियमितता का मामला और गंभीर हो गया.
बिना बिल के मिले हरा सोना मिक्सर खाद के 10 बैग
निरीक्षण के दौरान दुकान से बिना बिल के हरा सोना नामक मिक्सर खाद के 10 बैग भी बरामद किए गए. कृषि विभाग ने इन सभी अनियमितताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना.
इसके बाद दुकान का उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और खाद की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया. दुकान के प्रोपराइटर को तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश भी दिया गया.
बिक्री पर रोक के बाद भी खाद बेचने की शिकायत
कार्रवाई के बाद भी दुकान से खाद की बिक्री किए जाने की शिकायत सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि बिक्री पर रोक का आदेश जारी किया गया था तो उसके बाद दुकान से खाद की बिक्री कैसे हुई. शिकायत के बाद विभाग ने मामले की पुनः जांच शुरू कर दी है.
प्रखंड कृषि पदाधिकारी नीतीश कुमार ने बताया कि जिला कृषि पदाधिकारी के आदेश के आलोक में दुकान में खाद की बिक्री पर रोक लगायी गयी है. आदेश के उल्लंघन कर खाद बेचने की शिकायत मिलने के बाद दोबारा जांच की जा रही है. शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्राथमिकी नहीं होने पर भी उठ रहे सवाल
मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि जांच के दौरान लाइसेंस स्थल से अलग दुकान संचालन, स्टॉक में अंतर और बिना बिल के खाद मिलने जैसी गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद फिलहाल लाइसेंस निलंबित कर स्पष्टीकरण तक ही कार्रवाई सीमित क्यों रखी गयी. प्राथमिकी या लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा है.
वहीं, बिक्री पर रोक के बावजूद खाद बेचे जाने की शिकायत से किसानों में भी असंतोष है. किसानों का कहना है कि खाद की बिक्री और स्टॉक में पारदर्शिता बेहद जरूरी है. अब उनकी नजर विभाग की दोबारा होने वाली जांच और उसके बाद की कार्रवाई पर टिकी है.
