ओडीएफ मुक्त जिले में बिना शौचालय का संचालित हो रहा फेकू लाल प्राथमिक सह मध्य संस्कृत विद्यालय

110 से अधिक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है.

– विद्यालय में संसाधनों की है घोर कमी प्रभात पड़ताल राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के राघोपुर पंचायत अंतर्गत श्री फेकू लाल प्राथमिक सह मध्य संस्कृत विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का गहरा अभाव छात्रों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है. सरकारी दावों और योजनाओं के बावजूद विद्यालय में न तो उपयुक्त स्कूल भवन है, न शौचालय, और न ही चाहरदीवारी है. इस कारण 110 से अधिक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है. विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण लगातार प्रभावित हो रहा है. वहीं, विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र चौधरी ने बताया कि विद्यालय में चाहरदीवारी, शौचालय और मानक भवन न होने के कारण बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित होती है. खुले परिसर और सुरक्षित वातावरण की कमी के कारण बच्चे मध्याह्न भोजन के बाद विद्यालय में ठहरना नहीं चाहते और घर लौट जाते हैं. विद्यालय में मौजूद कुछ अन्य शिक्षकों ने भी स्वीकार किया कि सुविधाओं के अभाव के चलते बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि कम हो रही है. उपस्थिति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. राघोपुर पंचायत के स्थानीय लोगों ने बताया कि यह विद्यालय वर्षों से संचालित है. लेकिन आज तक स्थायी भवन, शौचालय या चाहरदीवारी जैसी अनिवार्य सुविधाएं नहीं मिल सकी है. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है. लेकिन इस विद्यालय की हालत देखकर कोई भी समझ सकता है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है. कहते हैं बीईओ इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार देव ने बताया कि यह विद्यालय एक अलग बोर्ड के अंतर्गत संचालित है. सरकारी योजनाओं के तहत कुछ सुविधाएं, जैसे पोषक आहार, मध्याह्न भोजन और पाठ्यपुस्तकें प्रदान की जाती है. उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा तथा रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.

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