त्रिवेणीगंज में पूर्व सैनिकों का बड़ा जुटान, पेंशन और पुनर्वास की समस्याओं को लेकर कर्नल अमित सिंह से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

त्रिवेणीगंज में पूर्व सैनिकों का बड़ा जमावड़ा हुआ, जहाँ उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और पुनर्वास जैसी समस्याओं पर अपनी पीड़ा व्यक्त की. इस बैठक में अपने हकों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प लिया गया.

Supaul News : सरहद पर देश की रक्षा में अपनी जवानी खपाने वाले वीर जवानों को क्या सेवानिवृत्ति के बाद सम्मान और सहूलियतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा. यह सवाल उस वक्त और गहरा हो गया जब सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में कोसी प्रमंडल के पूर्व सैनिकों का बड़ा जुटान हुआ. लतौना दक्षिण पंचायत के कशहा गांव स्थित बीएसटी ट्रेनिंग सेंटर में पूर्व सैनिक सेवा परिषद बिहार की मासिक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में वर्षों से लंबित पेंशन, पुनर्वास और प्रशासनिक उपेक्षा का दर्द छलका. देश की सीमा पर सीना तानकर खड़े रहने वाले इन वीरों ने अब अपनी हक की आवाज को बुलंद करने और संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत करने का बड़ा संकल्प लिया है.

ब्रिगेडियर प्रणव कुमार का हुआ पारंपरिक अभिनंदन, पाग और माला से जताया सम्मान

बैठक का माहौल उस वक्त गौरव और सम्मान से भर गया जब मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे ब्रिगेडियर प्रणव कुमार का पारंपरिक मैथिल शैली में स्वागत किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मेजर डॉ. शशि भूषण प्रसाद ने मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर प्रणव कुमार को गुलदस्ता, मिथिला की पहचान पाग, फूलों की माला और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया. इसके साथ ही प्रदेश, प्रमंडल और अलग-अलग जिलों से आए वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ वरिष्ठ ग्रामीणों को भी पाग और माला पहनाकर सम्मानित किया गया. परिषद के उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कुशल मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की और संगठन की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला.

पेंशन से लेकर पुनर्वास तक का दर्द, अधिकारियों से समन्वय की बनी रणनीति

बैठक में कोसी क्षेत्र के तीनों जिलों सुपौल, सहरसा और मधेपुरा से पहुंचे करीब 45 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया. इसके साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल हुए. वक्ताओं ने संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्व सैनिकों ने अपनी जिंदगी का सबसे बहुमूल्य समय देश की सुरक्षा में दिया है. सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके पास जो अनुशासन, अनुभव और सेवाभाव है, उसका सही उपयोग समाज और राष्ट्र निर्माण में किया जा सकता है. लेकिन विडंबना यह है कि पेंशन की गड़बड़ियों, पुनर्वास योजनाओं के लाभ में देरी और प्रशासनिक सहायता की कमी से पूर्व सैनिक परेशान हैं. बैठक में इन लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों से बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया.

कर्नल अमित सिंह से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल, सौंपा जाएगा विस्तृत मांग पत्र

पूर्व सैनिकों ने अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अब सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने बात रखने का फैसला किया है. बैठक में सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि सुपौल जिला पूर्व सैनिक सेवा परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल बहुत जल्द जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल अमित सिंह से मुलाकात करेगा. इस मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मामलों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा जाएगा. प्रतिनिधिमंडल कर्नल अमित सिंह से आग्रह करेगा कि सरकारी स्तर पर मिलने वाली सभी सुविधाएं और कल्याणकारी योजनाएं पूर्व सैनिकों तक बिना किसी बाधा के समय पर पहुंचाई जाएं.

पंचायत और प्रखंड स्तर तक मजबूत होगा संगठन, ग्रामीणों के साथ बढ़ेगा तालमेल

बैठक में केवल समस्याओं पर चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि संगठन के विस्तार को लेकर भी ठोस रणनीति तैयार की गई. मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर प्रणव कुमार ने पूर्व सैनिकों की एकजुटता पर बल दिया. प्रमंडल प्रभारी प्रवीण कुमार झा एवं विभिन्न जिलों के अध्यक्षों ने कहा कि जब तक संगठन गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर तक मजबूत नहीं होगा, तब तक हर सैनिक को उसका अधिकार मिलना मुश्किल है. इसके साथ ही पूर्व सैनिकों और आम ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ. कार्यक्रम के अंत में मेजर डॉ. शशि भूषण प्रसाद ने सभी अतिथियों, पूर्व सैनिकों, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया.

इस गरिमामय आयोजन में गोपाल मिश्र, मनोज कुमार चौधरी, प्रवीण कुमार झा, ललन कुमार ताती, दिनेश यादव, रोशन यादव, दिवाकर यादव, राम लखन ठाकुर, गौतम कुमार सिंह, सुरेंद्र झा, मिथिलेश झा, रमन कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार वर्मा, सुनील कुमार झा, प्रेमलाल यादव, दिलीप कुमार, ओम प्रकाश चौधरी और शंकर चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

Supaul News : प्रशासनिक जवाबदेही और पूर्व सैनिकों का मानवीय पहलू

यह बैठक इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि जो जवान सीमा पर देश के लिए ढाल बनते हैं, वे नागरिक जीवन में आने के बाद अक्सर व्यवस्था की जटिलताओं में उलझ जाते हैं. जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की यह नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बनती है कि वह पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करे. यदि देश के रक्षकों को अपने वाजिब हक के लिए भी बैठकें और चक्कर लगाने पड़ें, तो यह प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठाता है. आने वाले दिनों में जब प्रतिनिधिमंडल कर्नल अमित सिंह से मिलेगा, तो सभी की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि प्रशासन उनकी मांगों पर कितना त्वरित कदम उठाता है.

पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान को उठेगी आवाज, जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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