अभियंता तकनीक ही नहीं गढ़ते, राष्ट्र की प्रगति की नींव भी रखते हैं

सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मंगलवार को भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर अभियंता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया.

सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मनाया गया अभियंता दिवस सुपौल. सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मंगलवार को भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर अभियंता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया. यह दिन भारतीय अभियंताओं की प्रतिभा, योगदान और देश निर्माण में उनकी भूमिका को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. कार्यक्रम की शुरुआत साहित्यिक क्लब द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं से हुई. इनमें लेख लेखन, वर्ड पज़ल, क्विज़ आदि शामिल थे. छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता के बाद विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया. यह आयोजन सिर्फ प्रतियोगिताओं तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि कॉलेज द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भी एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया. इससे न केवल छात्रों का उत्साहवर्धन हुआ बल्कि उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा भी मिली. इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ एएन मिश्रा ने सर एम विश्वेश्वरैया के जीवन और उनके योगदान पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि अभियंता केवल तकनीक ही नहीं गढ़ते, बल्कि राष्ट्र की प्रगति की नींव भी रखते हैं. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में साहित्यिक क्लब के फैकल्टी एडवाइज़र कमल राज प्रवीन व अजय आनंद की विशेष भूमिका रही. वहीं छात्र संयोजक प्रिंस कुमार, सन्नी कुमार, सौरव वर्मा, रामप्रवेश कुमार सहित सभी छात्र समन्वयकों ने भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम योगदान दिया. अभियंता दिवस का यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए सीखने और प्रेरणा का माध्यम बना, बल्कि उन्हें यह भी स्मरण कराया कि सर एम विश्वेश्वरैया की तरह उन्हें भी समाज और देश की प्रगति में अपनी भागीदारी निभानी है.

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