आरसी अपलोड में लापरवाही पर डीटीओ सख्त, सात दिनों में पेंडेंसी खत्म करने का अल्टीमेटम

वैध पंजीकरण के वाहन का संचालन है अवैध

By RAJEEV KUMAR JHA | January 13, 2026 6:06 PM

सुपौल. जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार सज्जन ने जिले के सभी अधिकृत वाहन विक्रेताओं द्वारा आरसी से संबंधित दस्तावेजों के अपलोड में हो रही गंभीर लापरवाही एवं अत्यधिक विलंब पर कड़ा रुख अपनाया है. विभागीय समीक्षा में यह सामने आया कि कई डीलरों ने वाहन बिक्री के बावजूद बीमा प्रमाण-पत्र, बिक्री प्रमाण-पत्र, चालान, पता प्रमाण, फॉर्म-20, फॉर्म-21 जैसे अनिवार्य दस्तावेज समय पर वाहन पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं. जिससे सैकड़ों वाहन स्वामियों का आरसी निर्गमन लंबित है. बिना वैध पंजीकरण के वाहन का संचालन है अवैध डीटीओ ने कहा कि यह स्थिति न केवल आम नागरिकों के वैधानिक अधिकारों का हनन है. बल्कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 का भी सीधा उल्लंघन है. बिना वैध पंजीकरण के वाहन का संचालन अवैध है. इससे बीमा, दुर्घटना दावा, ऋण एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में वाहन मालिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39 एवं 41 के तहत प्रत्येक वाहन का पंजीकरण अनिवार्य है. जबकि धारा 192 के अंतर्गत अपंजीकृत वाहन चलाने पर दंड का प्रावधान है. वहीं केंद्रीय मोटरयान नियमावली के नियम 47 एवं 48 के अनुसार वाहन बिक्री के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना डीलर की कानूनी जिम्मेदारी है. इस संबंध में जिले के सभी वाहन विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने डीलर लॉग-इन आईडी से लंबित सभी आरसी संबंधित दस्तावेज इस आदेश की तिथि से 07 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड कर पेंडेंसी शून्य करें. तय समय-सीमा में अनुपालन नहीं होने पर संबंधित डीलर का लॉग-इन आईडी बिना किसी अतिरिक्त सूचना के निलंबित अथवा ब्लॉक कर दिया जाएगा. साथ ही मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192, 177 सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. डीलरशिप के निलंबन या रद्दीकरण की अनुशंसा राज्य परिवहन आयुक्त, बिहार को भी भेजी जाएगी. डीटीओ ने की अपील डीटीओ ने आम वाहन स्वामियों से अपील की है कि वाहन खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि सभी जरूरी दस्तावेज समय पर पोर्टल पर अपलोड किए गए हो. आरसी निर्गमन में अनावश्यक विलंब होने पर जिला परिवहन कार्यालय को तुरंत सूचना दें. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम जनहित, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है. ताकि जिले में कोई भी वाहन बिना विधिवत पंजीकरण के संचालित न हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है