सुपौल. परिवहन विभाग द्वारा निर्गत आदेश के आलोक में सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला परिवहन कार्यालय ने सख्त कार्रवाई की है. विभागीय निर्देश के अनुसार, जिन वाहन चालकों द्वारा तीन बार अथवा उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया गया है, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19(1) के तहत ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन अथवा रद्दीकरण की कार्रवाई की जा रही है. ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट, ई-चालान अभिलेख और विभागीय आंकड़ों की समीक्षा के बाद यह पाया गया कि जिले के 15 वाहन चालक लगातार यातायात नियमों की अवहेलना कर रहे थे. इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाना, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, मोबाइल फोन का उपयोग, बिना बीमा वाहन चलाना और बार-बार ई-चालान लंबित रखना जैसे गंभीर उल्लंघन शामिल हैं. सभी संबंधित चालकों को नियमानुसार सुनवाई का अवसर देने के बाद उनके ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिये गये हैं. परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि में यदि कोई चालक वाहन चलाते पकड़ा गया, तो उसका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. जिला परिवहन पदाधिकारी संजीव कुमार सज्जन ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं. विभाग का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित घर तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि जो चालक बार-बार नियम तोड़ते हैं, उनके खिलाफ सख्ती जारी रहेगी. परिवहन विभाग ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं, नशे की हालत में ड्राइविंग न करें और सभी वैध दस्तावेज अद्यतन रखें. विभाग का स्पष्ट संदेश है कि नियमों का पालन करेंगे तो जीवन सुरक्षित रहेगा, लापरवाही करेंगे तो कार्रवाई तय है. निलंबित लाइसेंस की बहाली निर्धारित निलंबित चालकों में संजीव कुमार, अविनाश कुमार, देव राज कुमार शर्मा, प्रियंशु कुमार, राजेश कुमार पासवान, चंदन कुमार, अमित आनंद, सुनील कुमार, प्रसून पल्लव, राजलाल कुमार, राहुल कुमार, सफरुद्दीन इस्लाम, रंजीत कुमार और महेश यादव शामिल हैं. अधिकांश मामलों में मोटरयान अधिनियम की धारा 183, 184, 185 और 190 के तहत उल्लंघन दर्ज हैं, जबकि कुछ मामलों में धारा 206 (4) के अंतर्गत कार्रवाई की गयी है. परिवहन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निलंबन अवधि के दौरान यदि कोई चालक वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जायेगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. वहीं, निलंबित लाइसेंस की बहाली निर्धारित अवधि पूरी होने और आवश्यक प्रक्रिया व प्रशिक्षण के बाद ही संभव होगी. जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि विभाग का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर आम नागरिकों का जीवन सुरक्षित करना है.
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