– पाठ्यपुस्तक वितरण में लापरवाही व बैठक से गैरहाजिरी पर कार्रवाई के निर्देश सुपौल. समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता एवं उप विकास आयुक्त सारा असरफ की उपस्थिति में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे. समीक्षा के दौरान एफएलएन किट वितरण, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली गई. जिलाधिकारी ने अपने विद्यालय भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकें प्रधानाध्यापक के कक्ष में जमा पाई गईं. जबकि अनेक छात्र अब भी पाठ्यपुस्तक एवं एफएलएन किट से वंचित हैं. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था में तत्काल सुधार का निर्देश दिया. बैठक के क्रम में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की उपस्थिति की समीक्षा की गई. जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह द्वारा बताया गया कि बैठक की सूचना सभी प्रखंडों को मोबाइल एवं व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दी गई थी. इसके बावजूद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल एवं बसंतपुर बिना अवकाश स्वीकृति के मुख्यालय से बाहर रहने के कारण बैठक में अनुपस्थित पाए गए. जबकि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, निर्मली भी बैठक में शामिल नहीं हुए. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रतापगंज को छोड़कर अन्य सभी प्रखंडों के पदाधिकारी बिना उचित कारण अनुपस्थित पाए गए. इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए. असैनिक संभाग की समीक्षा के दौरान बीएसईआईडीसी के असैनिक कार्य प्रबंधक द्वारा जानकारी दी गई. जिले के विद्यालयों में कुल 95 स्थानों पर विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्य संचालित हैं. विद्यालयवार एवं योजनावार कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध टाइम लाइबिलिटी के तहत 05 से 10 प्रतिशत तक राशि कटौती का प्रस्ताव तैयार किया जाय. जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि 08 जनवरी 2026 को अनुमंडलवार सभी संवेदकों के कार्य प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही सभी कनीय अभियंताओं को आदेश दिया गया कि वे प्रत्येक दिन सभी कार्य स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या की सूचना उप विकास आयुक्त को उपलब्ध कराएं. उप विकास आयुक्त द्वारा इनमें से किसी भी साइट की औचक जांच कराई जाएगी. यदि किसी अभियंता द्वारा कार्य में कोताही बरती गई अथवा असैनिक कार्य प्रबंधक को सहयोग नहीं किया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था, संसाधन वितरण एवं निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जवाबदेही तय करते हुए सख्त कदम उठाए जाएंगे.
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