सुपौल में डिजिटल फसल सर्वेक्षण शारदीय 2026 की तैयारी तेज, सर्वेयर व सुपरवाइजर को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

सुपौल में डिजिटल फसल सर्वेक्षण शारदीय 2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए सर्वेयर व सुपरवाइजर को विशेष प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण में मोबाइल ऐप से डाटा प्रविष्टि की प्रक्रिया समझाई गई.

डिजिटल फसल सर्वेक्षण शारदीय 2026 के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संयुक्त कृषि भवन के सभागार में सर्वेयर एवं सुपरवाइजर के लिए एक दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी, सुपौल ने की. प्रशिक्षण में कृषि विभाग के विभिन्न पदाधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया.

कार्यक्रम में सहायक निदेशक (शष्य) बीज विश्लेषण, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक, प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर डीसीएस, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कृषि कर्मी उपस्थित रहे.

मोबाइल एप से डाटा प्रविष्टि तक दी गयी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान जिला डीसीएस नोडल एवं सहायक नोडल पदाधिकारी ने डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की वर्तमान कार्यप्रणाली, आवश्यक संशोधनों और नए प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी. प्रतिभागियों को फसल सर्वेक्षण की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के संचालन, आंकड़ों की प्रविष्टि और सत्यापन सहित सर्वेक्षण से जुड़े दिशा-निर्देशों के बारे में बताया गया.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संशोधित प्रक्रिया के तहत सर्वेक्षण के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का विशेष रूप से पालन करना जरूरी है. फसल संबंधी आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता और समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया.

सर्वेयर और सुपरवाइजर की शंकाओं का किया गया समाधान

प्रशिक्षण के दौरान सर्वेयर एवं सुपरवाइजर ने मोबाइल एप के संचालन तथा डाटा प्रविष्टि से जुड़ी विभिन्न तकनीकी और प्रक्रियात्मक जानकारियां हासिल कीं. प्रतिभागियों की ओर से उठायी गयी शंकाओं और समस्याओं का भी अधिकारियों ने समाधान किया.

अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण में दर्ज होने वाले आंकड़े गुणवत्तापूर्ण और त्रुटिरहित हों, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सावधानी बरतना आवश्यक है.

एफआर आईडी निर्माण में तेजी लाने का निर्देश

प्रशिक्षण के दौरान सभी एफआर आईडी धारकों को अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक किसानों का एफआर आईडी बनाने का निर्देश दिया गया. इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाकर पूरा करने पर जोर दिया गया.

अधिकारियों ने बताया कि एफआर आईडी निर्माण की प्रगति की दैनिक समीक्षा जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा की जानी है. इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने और नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया.

समय पर पूरा करना होगा सर्वेक्षण

कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों एवं कृषि कर्मियों को डीसीएस-शारदीय 2026 का सर्वेक्षण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण, शुद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया. साथ ही संशोधित प्रक्रिया एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करते हुए अधिकतम किसानों को एफआर आईडी से जोड़ने और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए अभियान चलाकर काम करने को कहा गया.


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लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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