वीरपुर. पूर्व सांसद आनंद मोहन मंगलवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान वीरपुर पहुंचे. इस दौरान नगर पंचायत स्थित वार्ड नंबर 05 कुमार शचिन्द्र कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की चर्चा करते हुए बिहार की वर्तमान राजनीति पर खुलकर प्रतिक्रिया दी. श्री मोहन ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से परिवारवाद के विरोधी रहे हैं और उन्होंने कभी परिवारवाद की राजनीति नहीं की. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की चर्चा से पार्टी के कई विधायक और कार्यकर्ता सदमे में हैं. यह फैसला नीतीश कुमार का खुद का है या किसी ने उन पर थोपा है, यह साफ नहीं है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे फैसला किसी का भी हो, वे इस निर्णय से सहमत नहीं हैं. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कहा गया था “25 से 30 साल फिर से नीतीश”, लेकिन चार महीने में ही परिस्थितियां बदल गईं. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री क्या होता है? मेरे हिसाब से उपमुख्यमंत्री का मतलब चुप मुख्यमंत्री होता है. आनंद मोहन ने कहा कि अगर नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जाता है तो फिर निशांत कुमार को पूरी तरह से मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह गठबंधन की सरकार है और जनादेश का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री जदयू से ही होना चाहिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका वीरपुर से पुराना लगाव रहा है और यहां के कार्यकर्ताओं से आज भी उतना ही स्नेह है. उन्होंने कहा कि आज बिहार में जहां भी मजबूत कार्यकर्ता हैं, उनमें से कई कभी बिहार पीपुल्स पार्टी के सिपाही रहे हैं. वीरपुर पहुंचने से पहले आनंद मोहन ने समदा में बबन सिंह और भीमनगर में शिव कुमार अग्रवाल के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की. मौके पर अभय कुमार सिंह, विजय सिंह, रविंद्र नाथ सिंह, काशी गुप्ता, मो अंसार, टूटू सिंह, गोपी कृष्ण लालू, गौरीशंकर सिंह, ब्रज किशोर सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे.
उपमुख्यमंत्री का मतलब होता है चुप मुख्यमंत्री : पूर्व सांसद
वीरपुर पहुंचने से पहले आनंद मोहन ने समदा में बबन सिंह और भीमनगर में शिव कुमार अग्रवाल के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की
