– राजनीति में भाषा की मर्यादा जरूरी: अनुपम सुपौल. कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में असम के मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोहिया नगर चौक पर नारेबाजी करते हुए का पुतला दहन किया. इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनुपम ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा एक उज्जड, असभ्य और अमर्यादित पॉलिटिशियन हैं. ऐसे कई उदाहरण है जिससे उनकी इस नकारात्मक छवि की पुष्टि होती है. कहा कि हम लोग भी राजनीति में हैं जहां अपने विरोधियों के खिलाफ अक्सर बोलते हैं. लेकिन इस क्रम में हम कभी भाषा की मर्यादा नहीं भूलते. राजनीतिक दलों के लोगों को सोचना चाहिए कि उनके विचार व्यवहार और भाषा से समाज के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत होता है. इसलिए हमारी जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है. विरोध नीतियों का होना चाहिए, विचारों का होना चाहिए और अगर व्यक्ति का भी हो तो मर्यादित होना चाहिए. इसी संदर्भ में आज कांग्रेस पार्टी ने असम के मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा के खिलाफ प्रदर्शन किया है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के दलित नेता आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे के विरुद्ध आपत्तिजनक और अशोभनीय शब्दों का इस्तमाल किया. कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे सिर्फ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि राज्यसभा में नेता विपक्ष भी हैं. संवैधानिक पद पर बैठे एक लोकप्रिय दलित नेता के अपमान से वो सभी दलित परिवार आहत हैं जो संघर्ष के रास्ते किसी मुकाम पर पहुंचने का सपना देखते हैं. मौके पर भुवनेश्वर प्रसाद यादव, राजनारायण प्रसाद गुप्ता, जयप्रकाश चौधरी, शत्रुघ्न प्रसाद चौधरी, सच्चिदानंद यादव, शिवनंदन यादव, जगदीश गुप्ता, अभय तिवारी, सुभाष प्रसाद सिंह, संजीव कुमार सिंह, नरेश कुमार मिश्रा, मो तनवीर, कृष्ण मोहन झा, लक्ष्मण कुमार झा, अमित कुमार झा, श्याम झा, प्रेम झा, रघुनाथ मुखिया, डॉ विश्वनाथ श्राफ, कौशल यादव, शंभूनाथ यादव, ललित कामत, मो उस्मान, श्याम भगत, अमित झा, सुरेंद्र पांडे, अफरोज, सुशील सिंह, प्रभात सिंह सहित अन्य मौजूद थे.
कांग्रेसियों ने असम के मुख्यमंत्री का किया पुतला दहन
राजनीतिक दलों के लोगों को सोचना चाहिए कि उनके विचार व्यवहार और भाषा से समाज के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत होता है
