वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट:
Children Sick After Eating Poisonous Seeds: बसंतपुर प्रखंड के हृदयनगर पंचायत वार्ड संख्या 05 में गुरुवार की शाम जंगली फल (बरगंडी) के बीज खाने से 14 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई. बीज खाने के कुछ समय बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने लगी. घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई.
अस्पताल पहुंचते ही मचा हड़कंप
बच्चों की हालत बिगड़ते देख परिजन सभी को आनन-फानन में वीरपुर अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे. एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड में कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की और सभी बच्चों का उपचार शुरू किया.
चिकित्सकों ने संभाला मोर्चा
अनुमंडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक डॉ. एस. रहमान ने बताया कि शाम करीब सात बजे 10 से 12 बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल लाया गया था. पूछताछ में जानकारी मिली कि बच्चों ने खेलते समय बरगंडी फल के बीज अधिक मात्रा में खा लिए थे.
उन्होंने बताया कि बीज खाने के कारण बच्चों में उल्टी और पेट दर्द की समस्या उत्पन्न हुई थी. सभी बच्चों का तत्काल इलाज किया गया और अब उनकी स्थिति सामान्य है.
सभी बच्चे खतरे से बाहर
डॉ. रहमान ने बताया कि उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है. सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं और स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य होने के बाद उन्हें घर भेज दिया जाएगा. बीमार पड़े सभी बच्चों की उम्र 10 वर्ष से कम बताई जा रही है.
अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत
घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है. स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई जंगली फल और उनके बीज स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं. आकर्षक दिखने के कारण बच्चे अक्सर इन्हें खा लेते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.
विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को जंगली फलों एवं अज्ञात बीजों से दूर रखें और उनके प्रति जागरूक बनाएं.
समय पर इलाज से टला बड़ा हादसा
स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और परिजनों द्वारा समय पर बच्चों को अस्पताल पहुंचाने के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया. हालांकि इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है.
