Supaul News: सरकारी दफ्तरों में रविवार का मतलब अमूमन सन्नाटा और छुट्टी होता है, लेकिन सुपौल जिले के छातापुर में इस बार नजारा बिल्कुल अलग था. विकास कार्यों में ढिलाई और लापरवाही के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की इस तत्परता ने हर किसी को हैरान कर दिया. बिहार सरकार के 'कायाकल्प विशेष अभियान' को गति देने और ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए छुट्टी के दिन भी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के ताले खोले गए. बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में घंटों चली मैराथन बैठक में 230 सरकारी योजनाओं का भविष्य तय किया गया. इस कदम से छातापुर प्रखंड की 23 पंचायतों की नुहार बदलने वाली है, जिससे सीधे तौर पर हजारों ग्रामीणों को फायदा पहुंचेगा.
जिला स्तर पर समीक्षा में पकड़ी गई थीं खामियां, फिर लिया गया यह सख्त फैसला
दरअसल, इस विशेष अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है. हाल ही में जिला स्तर पर स्थित लहटन चौधरी सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी. इस समीक्षा के दौरान छातापुर प्रखंड की पंचायतवार योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियां पाई गईं. समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का भारी दबाव था. इसी को देखते हुए बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने रविवार की छुट्टी रद्द कर अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर बुलाने का सख्त निर्णय लिया ताकि सभी गलतियों को सुधारकर योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा सके.
स्कूल, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्रों की बदलेगी तस्वीर, तैयार हुआ 230 योजनाओं का ब्लूप्रिंट
ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशों के अनुसार, गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी पुरानी परिसंपत्तियों का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जाना है. इसके साथ ही जहां आवश्यकता है, वहां नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी कराया जाएगा. छातापुर प्रखंड की प्रत्येक ग्राम पंचायत से प्राथमिकता के आधार पर लगभग 10-10 योजनाओं का चयन किया गया है. इस तरह कुल 23 पंचायतों से 230 महत्वपूर्ण योजनाओं का खाका तैयार किया गया है. इन योजनाओं के पूरा होने से गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर होगी और आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए शहरों की तरफ नहीं दौड़ना पड़ेगा.
ललित नारायण सभागार में घंटों चली मैराथन बैठक, पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया तेज
रविवार को छातापुर प्रखंड कार्यालय स्थित ललित नारायण सभागार में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल रहा. बैठक में बीपीआरओ देश कुमार, आईटी असिस्टेंट संतोष कुमार सहित सभी 23 पंचायतों के कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक मौजूद रहे. बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता की मौजूदगी में अधिकारियों ने एक-एक योजना के विवरण, स्थान, लागत और चयन प्रक्रिया की बारीक जांच की. जिला स्तर पर पाई गई त्रुटियों को दूर करते हुए सभी 230 योजनाओं की सूची को अपडेट किया गया. अब इन स्वीकृत योजनाओं को तेजी से विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने का काम किया जा रहा है ताकि आगे की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति तुरंत मिल सके.
प्रशासकीय जवाबदेही और आगे का प्लान: जानिए कैसे होगी सीधी निगरानी
कायाकल्प अभियान को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है. राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला स्तर पर उप विकास आयुक्त (DDC) को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि प्रखंड स्तर पर खुद बीडीओ नोडल पदाधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं. योजनाओं की केवल कागजी समीक्षा नहीं होगी, बल्कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद की प्रगति रिपोर्ट भी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. इससे कार्यों में लेटलतीफी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा. तय समय सीमा के भीतर सभी 230 योजनाओं को पूरा करने की समयबद्ध योजना बनाई गई है.
Supaul News: आम जनता पर सीधा असर और ग्रामीण विकास का नया अध्याय
छातापुर के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह अभियान किसी वरदान से कम नहीं है. जर्जर हो चुके उप स्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प होने से ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर प्राथमिक इलाज मिल सकेगा. जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के सुदृढ़ीकरण से बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलेगी. वहीं सामुदायिक भवनों के बनने से सामाजिक आयोजनों और बैठकों के लिए पक्की जगह उपलब्ध होगी. रविवार के दिन अधिकारियों की यह मेहनत यह साबित करती है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी योजनाएं फाइलों से निकलकर धरातल पर तेजी से उतर सकती हैं. अब इलाके के लोगों की निगाहें इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर टिकी हैं.
Also Read: अनंत-नीरज की पुरानी सियासी जंग फिर चर्चा में, जानें 10 साल पुरानी सियासी दुश्मनी की पूरी कहानी
