छातापुर (सुपौल). मुख्यालय स्थित एक प्राइवेट होटल में शनिवार को स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. न्यूरो कार्डियो मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, विराटनगर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया. कार्यक्रम में दैनिक दिनचर्या और खान-पान में संतुलन बनाए रखने तथा गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया.
बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने कहा कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करना जरूरी है. संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजगता से कई बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है.
बीमारी होने पर इलाज में देरी नहीं करने की अपील
चिकित्सकों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है तो इलाज में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए. समय पर उपचार मिलने से शरीर को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है और कई मामलों में उपचार का खर्च भी कम हो सकता है.
उन्होंने कहा कि जिन बीमारियों का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव है, उनका इलाज नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में कराया जा सकता है. वहीं बेहतर चिकित्सा की आवश्यकता होने पर मरीज को बिना देरी किए सक्षम चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराना चाहिए.
गंभीर चोट में शुरुआती घंटों में इलाज जरूरी
कार्यक्रम में हादसों में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों के समय पर उपचार पर भी विशेष जोर दिया गया. चिकित्सकों ने कहा कि किसी दुर्घटना में गंभीर चोट लगने पर मरीज को शुरुआती घंटों में ही चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद महत्वपूर्ण है. त्वरित उपचार से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ती है और गंभीर जटिलताओं को भी कम किया जा सकता है.
उपचार के बाद एक्सरसाइज की सलाह को भी गंभीरता से लेने की अपील
चिकित्सकों ने बताया कि कई मरीजों को उपचार के बाद नियमित एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है, लेकिन मरीज या उनके परिजन इसे गंभीरता से नहीं लेते. इससे उपचार का अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाता. उन्होंने मरीजों और परिजनों से चिकित्सकों की सलाह का पालन करने की अपील की.
विराटनगर स्थित अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में बताया गया कि पूर्णिया और पटना के अलावा सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए विराटनगर स्थित न्यूरो हॉस्पिटल भी चिकित्सा का एक विकल्प है. चिकित्सकों ने कहा कि यहां विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और जरूरत के अनुसार मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा प्रदान की जाती है.
वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक रहे मौजूद
जागरूकता कार्यक्रम में न्यूरो विभाग के सर्जन डॉ. सुनील कुमार दास, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. भुवनेश्वर यादव और ईएनटी एचएनएस सर्जन डॉ. आशिष राज विष्ठ सहित वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे.
स्वास्थ्यकर्मियों से आम लोगों को जागरूक करने की अपील
कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीण चिकित्सकों से आम लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, समय रहते उपचार कराने और गंभीर बीमारी या चोट की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा लेने के लिए जागरूक करने की अपील की गयी. इसके साथ ही वाहन चालकों को बाइक चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया.
