Supaul News: सुपौल में पढ़ाई से जुड़ी परेशानी हो, मूलभूत सुविधाओं की कमी हो या किसी समस्या का समाधान नहीं मिल रहा हो, अब विद्यार्थियों के लिए अपनी बात ऊपर तक पहुंचाने का एक ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध है. छातापुर मुख्यालय स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां अधिकारियों ने छात्रों को पोर्टल के इस्तेमाल और शिकायत दर्ज करने की जानकारी दी.
कार्यक्रम में त्रिवेणीगंज डीसीएलआर संस्कार रंजन और बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया. अधिकारियों ने कहा कि शैक्षणिक कार्य या कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी किसी समस्या के समाधान के लिए विद्यार्थी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
यह पहल खास तौर पर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्हें कॉलेज स्तर पर समस्या बताने के बावजूद समय पर समाधान नहीं मिल पाता है.
अधिकारियों के सामने छात्रों ने बतायी कॉलेज की परेशानी
संवाद कार्यक्रम सिर्फ पोर्टल की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा. विद्यार्थियों ने अधिकारियों के सामने कॉलेज में मौजूद समस्याओं को भी खुलकर रखा.
छात्रों ने बताया कि कॉलेज में एमसीसी भवन नहीं होने के कारण परेशानी होती है. इसके अलावा शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई और दूसरी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी अधिकारियों को दी गयी.
इस दौरान छात्रों को यह समझाया गया कि ऐसी समस्याओं को विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से दर्ज किया जा सकता है, ताकि संबंधित स्तर पर उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू हो सके.
अभी दूसरे भवन में चल रहा है डिग्री कॉलेज
छातापुर का राजकीय डिग्री महाविद्यालय फिलहाल अपने स्थायी भवन में संचालित नहीं हो रहा है. बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि कॉलेज का संचालन सुरपत सिंह उच्च प्लस टू विद्यालय भवन में अस्थायी रूप से किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि कॉलेज को अपना भवन मिलने के बाद कई तरह की सुविधाएं स्वतः उपलब्ध हो जाएंगी. हालांकि, जब तक स्थायी भवन नहीं मिलता, तब तक विद्यार्थियों से जुड़ी मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा.
इसका मतलब साफ है कि कॉलेज के स्थायी भवन का इंतजार अपनी जगह है, लेकिन तब तक पानी, सफाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं की कमी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
‘विद्यार्थियों के लिए बहुत कारगर है पोर्टल’
बीडीओ ने विद्यार्थी सहयोग पोर्टल को छात्रों के लिए उपयोगी माध्यम बताया. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक कार्य से जुड़ी समस्याओं के साथ अन्य परेशानियों के समाधान के लिए भी पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है.
डीसीएलआर संस्कार रंजन ने भी विद्यार्थियों को पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने छात्रों से कहा कि किसी समस्या का समाधान नहीं होने की स्थिति में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें.
इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्या दर्ज कराने के लिए एक औपचारिक ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध कराना है.
अब छात्रों की शिकायत ऑनलाइन दर्ज होगी
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की सबसे बड़ी उपयोगिता यह है कि छात्र अपनी समस्या को ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करा सकते हैं. इससे कॉलेज से जुड़ी समस्याओं को केवल मौखिक रूप से बताने के बजाय उन्हें शिकायत के रूप में दर्ज करने का रास्ता मिलता है.
हालांकि, पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद उसका समाधान कितनी जल्दी होगा, यह संबंधित विभाग और समस्या की प्रकृति पर निर्भर करेगा. ऐसे में पोर्टल की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि दर्ज शिकायतों पर संबंधित स्तर से कितनी तेजी से कार्रवाई होती है.
Supaul News: स्थायी भवन मिलने तक सुविधाओं पर रहेगी नजर
राजकीय डिग्री महाविद्यालय के छात्रों के लिए फिलहाल स्थायी भवन सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है. लेकिन उसके साथ ही पेयजल, सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी सीधे विद्यार्थियों के रोजमर्रा के अनुभव से जुड़ी हैं.
मंगलवार के संवाद कार्यक्रम में इन समस्याओं के सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर समाधान की उम्मीद बढ़ी है. अधिकारियों ने भी भरोसा दिया है कि मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का जल्द निदान कराने का प्रयास किया जाएगा.
कार्यक्रम में प्रभारी बीईओ देश कुमार, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मो. तबरेज आलम, सहायक प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
