-बड़ी आबादी के समक्ष नदी पार करने की बनी समस्या छातापुर. प्रखंड के झखाडगढ पंचायत में शिवनी घाट के समीप सुरसर नदी पर बना चचरी क्षतिग्रस्त हो जाने से एक बड़ी आबादी के समक्ष मुसीबत खड़ी हो गई है. रविवार की सुबह जब इलाके के लोग शिवनी घाट पहुंचे तो ध्वस्त चचरी को देखकर चिंतित हो गए. खेतीबारी से लेकर मालमवेशी व उस पार हाइस्कूल रहने आदि को लेकर आमजनों के बीच उहापोह की स्थिति बन गई है. ग्रामीणों ने इसकी जानकारी सीओ को दी और वस्तु स्थिति से अवगत कराया. घाट पर तत्काल नाव मुहैया कराने को लेकर ग्रामीण सीओ को आवेदन देने की तैयारी में थे. पैक्स अध्यक्ष विंदेश्वरी सिंह, उप मुखिया बिनोद सिंह, ग्रामीण प्रदीप सिंह, अरविंद सिंह, जगमोहन पासवान, नित्यानंद सिंह, भजुराम सिंह, देवनारायण सिंह, रमेश सिंह, शिवनंदन सिंह, अशोक पासवान, बिनोद सिंह, महेंद्र सिंह, बासदेव पासवान, धीरेंद्र सिंह, रजनीश सिंह, दिलीप पासवान, सुनील सिंह, गिरधारी सिंह आदि ने बताया कि बीते दो दिनों से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही थी. इलाके के लोगों को नदी आरपार करने के लिए चचरी ही एकमात्र विकल्प था. इस घाट से होकर रोजाना सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर चचरी पर आरपार होते हैं. किसानों का 90 प्रतिशत खेतीबारी नदी के उस पार है. माल मवेशी का चारा भी उसी पार में है. उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय नन्ही टोला लालपुर उस पार अवस्थित रहने के कारण बच्चो की पढाई बाधित हो गया. कई निजी शिक्षण संस्थान में पढने वाले बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. बताया कि बीते 40 वर्ष से शिवनी घाट पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है. लेकिन आज तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है. हालांकि उक्त स्थल पर किसी टीम द्वारा मिट्टी की जांच की गई थी. बताया सन 1977 में स्थानीय लोगों ने निजी स्तर से नाव का निर्माण किया था. जिस पर सवार होकर लोग आर पार होते थे. बीते 20 वर्ष से निजी तौर पर श्रमदान व आर्थिक मदद से बनाया गया चचरी ही उम्मीद बनी हुई थी. जिसको नदी के तेजधारा उसे भी बहा ले गई. कहते हैं सीओ सीओ राकेश कुमार ने बताया कि शिवनी घाट पर चचरी ध्वस्त होने की जानकारी मिली है. स्थल का जायजा लेने के बाद नदी आरपार होने के लिए तत्काल रूप से जो भी आवश्यकता की दरकार होगी. उसे उपलब्ध कराया जायेगा.
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