श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पिपरा के शिव बाबा परिसर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सेवाकेंद्र पर पावन पर्व हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया. इस अवसर पर विशेष सत्संग, प्रवचन और झांकियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और भाई-बहनों ने भाग लिया.
दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और ईश्वरीय महावाक्यों के श्रवण के साथ हुई. सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका शालिनी बहन ने श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र और उनके आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन दिव्यता, पवित्रता और मर्यादा का प्रतीक है. वास्तविक जन्माष्टमी तब सार्थक होती है, जब हम अपने अंदर की बुराइयों, काम, क्रोध, लोभ और अहंकार को त्यागकर जीवन में दैवीय गुणों और पवित्रता को धारण करें.
बाल झांकियों ने मोहा मन
समारोह में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण और राधा के बाल स्वरूप की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गयीं. बाल कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया. झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं को जीवंत किया गया.
भक्ति संगीत और नृत्य से कृष्णमय हुआ परिसर
बहनों और बच्चों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों और सांस्कृतिक नृत्यों ने पूरे परिसर को कृष्णमय बना दिया. श्रद्धालु भक्ति संगीत में भावविभोर नजर आये. कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक संदेशों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जन्माष्टमी के उत्सव को विशेष बना दिया.
राजयोग मेडिटेशन से आत्मिक शांति का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को विश्व शांति और आत्मिक शांति के लिए राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया. श्रद्धालुओं ने शांत वातावरण में ध्यान कर आत्मिक शांति का अनुभव किया. इसके बाद आरती की गयी और सभी श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री व विशेष प्रसाद का वितरण किया गया.
समारोह के अंत में सभी ने जीवन में सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. इस अवसर पर सुनीता बहन, शालिनी बहन, संजू बहन, लक्ष्मी बहन, उपेंद्र प्रसाद गुप्ता, विश्वनाथ शाह, रामू दादा, गोपाल प्रसाद मुन्ना, नारायण गुप्ता, मनोज कुमार, मदन कुमार, कुंदन कुमार, श्यामा जायसवाल, पार्वती देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
