भूदान के पर्चाधारियों ने साढ़े सात एकड़ जमीन पर जमाया कब्जा

यह जमीन हाइवे के सटे पूरब व पश्चिम किनारे अवस्थित है

छातापुर.अंचल क्षेत्र के डहरिया स्थित एसएच 91 किनारे साढ़े सात एकड़ से अधिक जमीन पर भूदान के पर्चाधारियों ने स्वयं से कब्जा कर लिया. बुधवार की सुबह से ही करीब 75 पर्चाधारी अपने-अपने हिस्से की जमीन पर झोपड़ी चढ़ाकर व बांस बल्ली लगाकर दखल कब्जा में जुटा हुआ है. यह जमीन हाइवे के सटे पूरब व पश्चिम किनारे अवस्थित है. हाइवे किनारे वहां एक वृक्ष में संत बिनोवा नगर का बैनर भी टंगा दिख रहा है. दखल कब्जा कर रहे पर्चाधारी अशोक पासवान, कमलदेव पासवान, पृथ्वीचंद पासवान, प्रमिला देवी, ललिता देवी, मंजू देवी, बीना सरदार, मसोमात भांटी देवी, झूना देवी, अनीता देवी, नुनूलाल शर्मा, विमल देवी, कंचन देवी आदि का दावा है कि यह जमीन भूदान की है. राजस्व विभाग द्वारा भूदान यज्ञ कमेटी के नाम संपुष्ट यह जमीन 2009 में ही 75 भूमिहीनों के बीच वितरित की गयी थी. परंतु तब से लेकर अभी तक प्रशासन द्वारा पर्चाधारियों को दखल कब्जा नहीं दिलाया गया. बिहार भूदान यज्ञ कमेटि के पूर्व सदस्य मुख्यालय निवासी फेकनारायण मंडल के अनुसार खाता 299 के विभिन्न खेसरा के रकवा 07.60 एकड़ यह भूमि रामलाल हजारी का खतियानी जमीन थी. खतियानी रैयत द्वारा लगान अदागई नहीं किये जाने के कारण हरावत स्टेट ने 1934-35 में इस जमीन को नीलाम कर दिया. नीलामी के बाद हरावत स्टेट द्वारा वर्ष 1946-47 में सेटलमेंट कर डहरिया निवासी मुरलीधर पांडेय पिता भोला पांडेय के नाम बंदोबस्त कर दिया गया. मुरलीधर पांडेय ने वर्ष 1952-53 में यह जमीन भूदान यज्ञ कमेटी को दान कर दिया. बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिला प्रशासन के दखल कब्जा दिलाने के लिए कई आदेश दिए गए. इसके बावजूद पर्चाधारियों को उक्त जमीन पर दखल कब्जा नहीं दिलाया जा सका. कहते हैं अधिकारी पर्चाधारियों द्वारा बलपूर्वक दखल कब्जा कर लिया गया है. भूदान यज्ञ कमेटी को दान में मिली जमीन में विवाद चल रहा है. सुनवाई चल रही है. यह मामला न्यायालय में लंबित है. कुल जमीन पर 107 और 144 की कार्यवाही भी हो रही है. राकेश कुमार, अंचलाधिकारी, छातापुर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >